
बबुरी कस्बे के कपड़ा व्यवसायी रोहित केसरी के लापता हुए लगभग 160 दिन बीत जाने के बाद भी अब तक उनका कोई सुराग नहीं लग पाया है। इतने लंबे समय के बाद भी पुलिस की जांच किसी ठोस नतीजे तक नहीं पहुंच सकी है, जिससे पुलिस की कार्यशैली और हाईटेक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं।जानकारी के अनुसार बबुरी कस्बे के कपड़ा व्यवसायी रोहित केसरी 27 सितंबर की शाम अपनी कपड़े की दुकान बंद कर घर के लिए निकले थे, लेकिन वह घर नहीं पहुंचे। देर रात तक घर न लौटने पर परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की, लेकिन कहीं कोई पता नहीं चल सका। इसके बाद मामले की सूचना पुलिस को दी गई, मगर करीब 160 दिन गुजर जाने के बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं।रोहित केसरी के अचानक लापता हो जाने से उनका परिवार गहरे सदमे में है। उनकी पत्नी पूजा केसरी और छोटी बेटी पूर्वी का रो-रोकर बुरा हाल है। मासूम बेटी बार-बार अपने पिता के बारे में पूछती है, जिसका जवाब परिवार के पास नहीं है। इस बार होली का त्योहार भी परिवार के लिए पूरी तरह फीका साबित हुआ। जहां पूरे इलाके में रंग और खुशियों का माहौल था, वहीं रोहित केसरी के घर सन्नाटा पसरा रहा।परिजनों का आरोप है कि रोहित केसरी की बरामदगी के लिए वे लगातार पुलिस अधिकारियों के साथ-साथ जनप्रतिनिधियों के भी दरवाजे खटखटा चुके हैं, लेकिन अब तक कहीं से कोई ठोस मदद नहीं मिल सकी है। हर जगह सिर्फ आश्वासन ही दिया गया, जबकि हकीकत में कोई प्रभावी पहल नजर नहीं आ रही है। लोगों का कहना है कि आज के दौर में पुलिस के पास सीसीटीवी कैमरे, मोबाइल लोकेशन ट्रैकिंग और कई हाईटेक संसाधन उपलब्ध हैं। फिर भी बबुरी पुलिस लापता रोहित का सुराग नहीं लगा पायी। आखिर बबुरी पुलिस क्या कर रही है। 160 दिनों से एक लापता व्यक्ति का कोई सुराग नहीं मिल पाना पुलिस के खुफिया तंत्र और कार्यशैली पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। यदि जल्द ही मामले में गंभीरता नहीं दिखाई गई तो आम जनता का भरोसा पुलिस और प्रशासन से उठता चला जाएगा। क्षेत्रीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की जांच तेज करते हुए रोहित केसरी की जल्द से जल्द बरामदगी सुनिश्चित की जाए, ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके।