अलीनगर (चंदौली)- खबर अलीनगर के वार्ड नंबर 16 से है जहां नाबालिगो के कई समूह जगह जगह खुलेआम जुआ खेलते देखे जा रहै है। जिन हाथों में किताबें व कलम होनी चाहिए उन हाथों में ताश की गड्डियां बताने के लिए काफी है कि समाज इस बुराई के दलदल में कितने भीतर तक प्रवेश कर चुका है। जी हां यह नजारा अलीनगर के वार्ड संख्या 16 यादव बस्ती व दलित बस्ती के पीछे का है जहां छोटे-छोटे बच्चे स्कूल जाने के बजाय जुआ खेलते नजर आते हैं। इन बच्चों के अभिभावकों को भी इनकी उनके भविष्य की कोई चिंता नहीं है। ऐसे में देश का भविष्य कहे जाने वाले यही बच्चे आगे चलकर गलत कार्यों में लिप्त हो जाते हैं और अपनी जुए की लत को पूरी करने के लिए छोटी-मोटी चोरियां व अन्य अपराध करना कशुरू कर देते हैं।


जिले में संचालित एनजीओ हो या समाज सुधारक, कोई इस सामाजिक बुराई की तरफ ध्यान नही देता।नतीजा आने वाली पीढ़ी के युवा जुए की लत के चलते खोखली होती जा रही है। देखा जाए तो पुलिस का दायित्व भी इस क्षेत्र में होना चाहिए लेकिन पुलिस के उदासीन रवैया के चलते ऐसे छोटे-छोटे असामाजिक कार्य व अपराध हर वार्ड मोहल्ले में पनप रहे हैं।