मुग़लसराय(चन्दौली)- खबर मुगलसराय कोतवाली क्षेत्र के जीटी रोड कली मंदिर के सामने की है जहाँ मिशन शक्ति का साइड इफेक्ट सड़क पर खुलेआम देखने को मिला। एक तरफ नारी सशक्तिकरण की बात हो रही है तो दूसरी तरफ इसकी आड़ में पुरुषों का उत्पीड़न अनावश्यक तरीके से होने लगा है।

ताजा मामला मुगलसराय कोतवाली क्षेत्र का है जहां वीआईपी गेट के सामने ट्रेन से उतरकर आए बाहर निकले यात्री का स्ट्रॉली बैग गड्ढों के कारण लड़खड़ाया और एक युवती के पैर से टकरा गया। इसके बाद युवती ने छेड़खानी का आरोप लगाते हुए युवक को एक के बाद एक कई थप्पड़ रसीद कर दिए। इतना ही नहीं युवती ने नाखून से युवक को कई जगह जख्मी कर दिया और थाने में बंद करने की धमकी भी देने लगी। लेकिन मौके पर तैनात यातायात व मुगलसराय कोतवाली के पुलिसकर्मियों ने युवक को किसी प्रकार युवती के चंगुल से बचाया लेकिन युवती अपने महिला होने का नाजायज फायदा उठाते हुए धमकाते हुए वहां से निकल गई।
घटना उस वक्त की है जब बिहार से शादी समारोह में शरीक होने आ रहा युवक स्ट्रॉली बैग वह एक अन्य बैग लेकर जैसे ही सड़क पर आया और ई-रिक्शा का इंतजार कर रहा था, इसी बीच आधे अधूरे कपड़ों में एक युवती उधर से गुजरी और उसका पैर स्ट्रॉली बैग से टकरा गया। जिसके बाद युवती ने छेड़खानी का आरोप लगाते हुए ताबड़तोड़ थप्पड़ की बौछार कर दी। युवक एक बार समझ भी नहीं पाया कि उसने किया क्या है लेकिन पुलिस कर्मियों ने बीच बचाव कर किसी तरह युवक को हटाया। मामले में विचारणीय प्रश्न यह है कि क्या नारी सशक्तिकरण के नाम पर किसी पुरुष का उत्पीड़न न्याय संगत है!!