
मुगलसराय (चंदौली)- पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर पालिका परिषद के कर्मचारियों की बड़ी लापरवाही सामने आई है जहां नगर में भीड़भाड़ वाले इलाकों में भारी संख्या में छुट्टा पशु देखे जा रहे हैं जो आयेदिन दुर्घटना का कारण बनते रहे हैं।वहीं पालिका के अधिकारियों का दावा भी हवा हवाई साबित हो रहा है।
जी हां हम बात कर रहे हैं पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर की जहां पालिका के कर्मचारी आवारा पशु को पकड़ने के अभियान के तहत वाहन लेकर तो निकलते हैं लेकिन आरोप यह है कि ये लोग छुट्टा पशुओं में सांड पकड़ने की बजाय दुधारू गाय को पकड़ने में ज्यादा दिलचस्पी दिखाते हैं। क्योंकि दुधारू गाय के स्वामी को जब यह बात पता लगती है कि उनकी गाय पालिका द्वारा पकड़ ली गई है तो उसे छोड़ने के लिए पालिका के कर्मचारियों को मोटी रकम देनी पड़ती है और पशुपालक उन्हें मोटी रकम देकर अपनी गाय साथ ले जाते हैं।देखा जाए तो पालिका द्वारा नगर का कांजी हाउस जहां आवारा पशुओं को पड़कर रखने की व्यवस्था की गई थी, उसे पर कसिपय लोगों द्वारा अवैध कब्जा कर लिया गया है। जिसे छुड़ाने में पालिका के अधिकारी विफल हैं और भारी भारी ढींगे हाँकते हैं।आपको बतादे कि नगर में पालिका कार्यालय के ठीक सामने कांजी हाउस हुआ करता था जहां नगर के छुट्टा पशुओं को पड़कर रखने की व्यवस्था की गई थी। वर्तमान समय में यह कांजी हाउस अतिक्रमण की भेंट चढ़ गया और कब्जाधारियों ने इसे अपने गिरफ्त में ले लिया। अब पालिका द्वारा पकड़े गए मवेशी अलीनगर स्थित गौशाला भेजे जाते है।जहा पालिका द्वारा चलने वाले अभियान के दौरान पालिका कर्मी भी काफी शातिर किस्म के हो गए हैं।पालिका कर्मी सांड को पकड़ने की बजाय दुधारू गाय पकड़ने पर ज्यादा बल देते हैं ताकि गाय को छोड़ने के लिए उन्हें कुछ ऊपरी दाना पानी का प्रबंध हो जाया करें। ऐसे में पालिका के अधिकारियों से न्याय की उम्मीद करना बेमानी है।