
चकिया(चन्दौली)- विकासखंड अंतर्गत अमरा दक्षिणी ग्राम पंचायत में ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (जी राम जी) के तहत बड़े पैमाने पर डिजिटल जालसाजी का मामला सामने आया है। आरोप है कि श्रमिकों की उपस्थिति दर्ज कराने के लिए फोटो में हेरफेर कर सरकारी धन का गबन किया जा रहा है।
●प्राप्त जानकारी के अनुसार, मस्टर रोल संख्या 12144 में दर्ज जॉब कार्ड संख्या यूपी 71-006-073-004/55 पर श्रमिक का नाम प्यारी देवी अंकित है, जबकि ऑनलाइन हाजिरी के लिए जो फोटो अपलोड की गई है, वह एक युवक की तस्वीर है। हैरानी की बात यह है कि मनरेगा का ऑनलाइन सिस्टम नाम और फोटो का मिलान किए बिना ही हाजिरी स्वीकार कर रहा है, जिससे डिजिटल निगरानी प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
168 मजदूर, सिर्फ तीन फोटो
इसी मस्टर रोल के तहत 18 जॉब कार्डों में कुल 168 मजदूरों की उपस्थिति दर्ज की गई है। जांच में सामने आया कि इन सभी मजदूरों के लिए केवल तीन अलग-अलग तस्वीरों का उपयोग किया गया। तस्वीरों के एंगल बदलकर या चेहरे को थोड़ा घुमाकर सिस्टम को धोखा दिया गया, जिससे फर्जी हाजिरी दर्ज होती रही।
ग्रामीणों ने लगाए गंभीर आरोप
गांव के संजय, संतोष, करन, बलवंत, धनेश, दिनेश और मोहन सहित अन्य ग्रामीणों का आरोप है कि इस तरह फर्जी उपस्थिति दिखाकर मनरेगा को कुछ लोगों के लिए एटीएम मशीन बना दिया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि सरकार जहां डिजिटल निगरानी और पारदर्शिता के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, वहीं जमीनी स्तर पर सिस्टम की खामियों का खुला दुरुपयोग हो रहा है।
●निगरानी में मिलीभगत का संदेह
एक महिला के नाम पर युवक की फोटो स्वीकार होना और 168 मजदूरों के लिए महज तीन फोटो का इस्तेमाल होना केवल तकनीकी चूक नहीं बल्कि निगरानी तंत्र में मिलीभगत की ओर भी इशारा करता है। ग्रामीणों ने मामले की गहन जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
प्रशासन का पक्ष
●इस संबंध में जब ग्राम प्रधान विमलेश से संपर्क किया गया तो उन्होंने आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि गांव में मनरेगा के तहत कार्य कराया जा रहा है।
वहीं खंड विकास अधिकारी विकास सिंह ने बताया कि मामले की जांच कराई जा रही है और दोष पाए जाने पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।