
डीडीयू जँ: खबर पूर्व मध्य रेलवे के डीडीयू जंक्शन से है जहाँ जीआरपी की हीलाहवाली के चलते एक लाख 23 हजार की धोखाधड़ी का पीड़ित यात्री 26 दिनों तक जीआरपी थाने के चक्कर काटता रहा लेकिन उसकी एफआईआर दर्ज नही की गई।थक हार कर वह जनपद पुलिस की शरण मे गया जहां पुलिस अधीक्षक चन्दौली के आदेश पर मुग़लसराय कोतवाली में जीरो एफआईआर दर्ज हुआ तब जाकर मामला जीआरपी थाने पहुच पाया।
दरअसल घटना 28 जनवरी 2026 की है जब आजमगढ़ जिले के मेहनाजपुर थानांतर्गत जमीन सकत गाव निवासी रविन्द्र यादव डीडीयू जंक्शन पर ट्रेन पकड़ने पहुचे।उनका 05610 अप दानापुर बंगलोर क्लोन एक्सप्रेस के बी5 कोच में आरक्षण था।प्लेटफार्म सं 3 पर ट्रेन की प्रतीक्षा के दौरान रविन्द्र यादव का पर्स व मोबाइल व सारा सामान चोरी चला गया।जिसके बाद उन्होंने चोरी की सूचना जीआरपी डीडीयू में दर्ज कराई। उसी दिन कुछ घंटे बाद उनके खाते से दो बार मे 1 लाख 23 हजार 671 रुपये निकल गए । जानकारी होने पर वे पुनः इस धोखाधड़ी की शिकायत करने गए लेकिन उन्हें जीआरपी द्वारा बरगलाया गया।अंततः थक हार कर रविन्द्र यादव ने जनपद पुलिस से न्याय की गुहार लगाई जिसके बाद एसपी चन्दौली ने मुग़लसराय कोतवाली में जीरो एफआईआर दर्ज कराई जिसके बाद मामला जीआरपी डीडीयू थाने पहुच गया । बहरहाल पुलिस मामले की छानबीन में जुटी हुई है लेकिन इन सब के बीच सवाल जीरो एफआईआर दर्ज होना और 27 दिन के अंतराल पर खड़े होते हैं। सवाल डीडीयू जंक्शन पर तैनात जीआरपी पर भी खड़े होते हैं कि किन परिस्थितियों में जीरो एफआईआर की नौबत आई।अगर उन्होंने धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया होता तो पीड़ित को 27 दिनों तक प्रतीक्षा नही करना पड़ता और न्याय मिलने में अनावश्यक विलंब न होता। अब देखने वाली बात यह होगी कि अब धोखाधड़ी का मामला दर्ज होने के बाद जीआरपी कितनी प्रयासरत रहती है।