
इलिया चन्दौली-इलिया थाना क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से लगाए गए सीसीटीवी कैमरे इन दिनों शोपीस बनकर रह गए हैं। कस्बा इलिया बेन पुलिया परमानंदपुर और बरियारपुर समेत विभिन्न स्थानों पर करीब एक वर्ष पूर्व “तीसरी आंख” के रूप में कैमरे स्थापित किए गए थे, ताकि बिहार बॉर्डर पर स्थित क्षेत्र में होने वाली गतिविधियों पर निगरानी रखी जा सके और मादक पदार्थों व पशु तस्करी जैसी अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाया जा सके।
स्थानीय लोगों के अनुसार इन कैमरों की मॉनिटरिंग सीधे थाने से की जाती थी, जिससे संदिग्ध गतिविधियों पर तत्काल कार्रवाई संभव हो पाती थी। कैमरे लगने के शुरुआती दिनों में असामाजिक तत्वों में भय का माहौल भी देखने को मिला था और घटनाओं में कमी आई थी। हालांकि पिछले कुछ महीनों से अधिकांश कैमरे खराब पड़े हैं या बंद हैं। इससे उनकी उपयोगिता पर सवाल उठने लगे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि लाखों रुपये खर्च कर लगाए गए कैमरे यदि चालू हालत में नहीं हैं तो उनका कोई औचित्य नहीं रह जाता। बेन पुलिया और परमानंदपुर जैसे संवेदनशील इलाकों में निगरानी व्यवस्था ठप होने से लोगों में असुरक्षा की भावना बढ़ गई है। खासकर रात के समय संदिग्ध गतिविधियों की आशंका बनी रहती है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि बंद पड़े कैमरों की शीघ्र मरम्मत कराकर उन्हें पुनः चालू कराया जाए, ताकि क्षेत्र में कानून व्यवस्था मजबूत हो सके।
इस संबंध में पुलिस क्षेत्राधिकारी रघुराज ने बताया कि सीसीटीवी कैमरों के संबंध में जानकारी मिली है। जहां-जहां तकनीकी खराबी है, वहां की रिपोर्ट मंगाई गई है। शीघ्र ही मरम्मत कराकर कैमरों को चालू कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और निगरानी व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे।