
चन्दौली(धर्मेंद्र प्रजापति) ब्लॉक संसाधन केंद्र नियमताबाद पर शिक्षकों ने काली पट्टी बांधकर अनिवार्य टेट परीक्षा का विरोध किया l बताते चले की 1 सितंबर 2025 के सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय जिसमें सारे देश के शिक्षकों पर अनिवार्य टेट परीक्षा देने का आदेश निर्गत हुआ है, के विरोध में आंदोलन के द्वितीय चरण में शिक्षकों ने अपने-अपने विद्यालयों पर पठन-पाठन के दौरान काली पट्टी बांधकर शिक्षण कार्य किया वहीं प्राथमिक शिक्षक जो कि यू पी बोर्ड परीक्षा की ड्यूटी में लगे हैं वह भी कार्यरत स्थल पर काली पट्टी बांधकर बोर्ड परीक्षा की ड्यूटी किए एवं ब्लाक संसाधन केंद्र नियमताबाद पर मीटिंग और सभी विद्यालयों में शिक्षकों ने भी काली पट्टी बांधकर शासन का विरोध जताया। उच्चतम न्यायालय के निर्णय के अनुसार 2011 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को 2 साल में टेट परीक्षा उत्तीर्ण करना अनिवार्य होगा एवं प्रमोशन में भी टेट उत्तीर्ण होना अनिवार्य है। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉक्टर दिनेश चंद्र शर्मा का कहना है कि शिक्षक जब जिस बैच में नियुक्त हुए उस समय की सारी योग्यताएं और अर्हता पूरी करके शिक्षक बने हैं तो फिर आज हमारे साथ भेदभाव क्यों क्योंकि अगर कोई जज है उसको पुनः क्लैट परीक्षा नहीं देने होती है अगर कोई आई ए एस 20 साल से नौकरी कर रहे है तो उनको पुनः यूपीएससी का एग्जाम देने की जरूरत नहीं है। तो शिक्षकों के साथ दोहरा व्यवहार क्यों। नियामताबाद अध्यक्ष प्रवीण कुमार कुशवाहा ने बताया कि उच्चतम न्यायालय के निर्णय से सभी शिक्षक सकते में है, शासन शिक्षकों के साथ अच्छा व्यवहार कर रही है, हम शासन से मांग करते हैं कि एनसीटीई में संशोधन कर अध्यादेश लाकर टेट परीक्षा से शिक्षकों को मुक्त रखा जाए। टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया संगठन की आगे की रणनीति के तहत आंदोलन की रूपरेखा के अंतर्गत 22 फरवरी को दोपहर 2 बजे से 4 बजे तक एक्स पर महाअभियान चलाया गया जिसमें हैशटैग जस्टिस फॉर टीचर्स नंबर वन पर लगातार 4 घंटे तक ट्रेंड किया। 23 से 25 फरवरी तक शिक्षक अपने-अपने कार्यस्थलों पर काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज कराएंगे। 26 फरवरी 2026 को दोपहर 1 बजे से समस्त शिक्षक जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय पर धरना देंगे। इसके बाद बीएसए कार्यालय से पैदल मार्च करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा जाएगा। बांह पर काली पट्टी बांधकर विरोध करने वालों में शिक्षक संघ अध्यक्ष प्रवीण कुमार कुशवाहा ,दिनेश नारायण सिंह , काशीनाथ सिंह .,ज्योति भूषण
सुरेश यादव हरेंद्र यादव अशोक सिंह प्रदीप पांडे प्रवीणा सुषमा शर्मा , रीना संदीप , आनंद चतुर्वेदी , संजय यादव , प्रभु नारायण वीरेंद्र शर्मा सुमन पटेल राजकुमार वर्मा प्रियंका पांडे , आशा किरण कौशल रिजवाना , वीना , रौशन, रवि सिंह अनीता रानी नूतन सुखराम शर्मा सहित सैकड़ो विद्यालयों के शिक्षकों ने हुंकार भरी।अंत मे अध्यक्ष प्रवीण कुमार कुशवाहा ने 26 फ़रवरी को मांगो को लेकर जनपद आने के लिए प्रेरित किया
