
चंदौली । कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित कर, करेत्तर, राजस्व संग्रह एवं प्रवर्तन कार्यों की मासिक समीक्षा बैठक में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) राजेश कुमार ने विभागीय प्रगति की विस्तार से समीक्षा की। बैठक में राजस्व वसूली में तेजी लाने तथा लंबित मामलों के त्वरित निस्तारण के सख्त निर्देश दिए गए।
पांच वर्ष से अधिक लंबित वादों को प्राथमिकता
अपर जिलाधिकारी ने सभी उप जिलाधिकारी, तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार को निर्देशित किया कि तहसीलों में पांच वर्ष या उससे अधिक समय से लंबित न्यायिक वादों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि न्यायिक मामलों में अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी।

विभागवार समीक्षा, लक्ष्य के अनुरूप कार्य करने के निर्देश
बैठक में मंडी, आबकारी, परिवहन, खनन, स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन विभाग की राजस्व वसूली और प्रवर्तन कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई। अपर जिलाधिकारी ने कहा कि सभी विभाग निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप कार्य सुनिश्चित करें।
उन्होंने चेतावनी दी कि राजस्व में गिरावट पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
पीएम आवास (शहरी) की प्रगति पर भी नजर
प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) की समीक्षा के दौरान अधूरे आवासों को शीघ्र पूर्ण कराने तथा जिन लाभार्थियों ने निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं किया है, उनसे नियमानुसार वसूली सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

पारदर्शिता और तकनीकी कार्यों की निगरानी पर जोर
अपर जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे विभागीय कार्यों को समयसीमा के भीतर पूर्ण करें तथा डाटा फीडिंग जैसे तकनीकी कार्यों की स्वयं निगरानी करें, जिससे कार्यों की गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके।

बैठक में अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) रतन वर्मा, उप निदेशक कृषि भीमसेन, जिला आबकारी अधिकारी, सहायक सम्भागीय अधिकारी सर्वेश गौतम, डिप्टी आरएमओ राधवेंद्र सिंह, उपायुक्त उद्योग, मंडी सचिव तथा नगर पालिका एवं नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
प्रशासन ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि राजस्व संग्रह और न्यायिक निस्तारण में लापरवाही किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी।