[smartslider3 slider="2"]

सूचना का अधिकार लालफीताशाही में तब्दील, सावित्रीबाई फुले राजकीय पीजी कालेज में अव्यवस्थाओं का आरोप

Connect With Social Media

चकिया- सावित्रीबाई फुले राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय चकिया में व्याप्त अव्यवस्थाओं और कथित भ्रष्टाचार को लेकर की गई शिकायत पर डेढ़ माह से अधिक समय बीत जाने के बावजूद कोई जवाब न मिलने का मामला सामने आया है। आरोप है कि सूचना का अधिकार और जनशिकायत व्यवस्था लालफीताशाही की भेंट चढ़ गई है।
●जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री आईजीआरएस पोर्टल पर कम्पलैन संख्या 40019625020632 के माध्यम से 14 दिसंबर 2025 को शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायत में महाविद्यालय की बदहाल व्यवस्थाओं, प्रशासनिक लापरवाही और सरकारी धन के दुरुपयोग से जुड़े गंभीर आरोप लगाए गए थे।बावजूद इसके, अब तक न तो शिकायत का निस्तारण हुआ और न ही कोई आधिकारिक जवाब दिया गया।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि महाविद्यालय में लाखों रुपये की लागत से लगाया गया वाटर कूलर व आरओ सिस्टम भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ चुका है। वहीं लाइब्रेरी होने के बावजूद वह नियमित रूप से नहीं खोली जाती है। जिसके चलते ग्रामीण क्षेत्र के छात्र-छात्राओं को महंगी किताबें बाजार से खरीदकर पढ़ने को मजबूर होना पड़ रहा है।
●इसके अलावा परिसर में बना आवास खंडहर में तब्दील होने की बात कही गई है। आरोप है कि यूजीसी से मिलने वाले सरकारी अनुदान का उपयोग महाविद्यालय की देखरेख और रंग-रोगन के नाम पर किया जा रहा है। लेकिन वास्तविक कार्य धरातल पर दिखाई नहीं देता। शिकायत में प्रभारी प्राचार्य की लापरवाही को भी उजागर करने का दावा किया गया है।
●शिकायतकर्ता का कहना है कि महाविद्यालय प्रशासन के खिलाफ की गई जनशिकायत को दरकिनार कर दिया गया है, जिससे छात्रों और अभिभावकों में नाराजगी बढ़ रही है। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए और शिकायत का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।

Leave a Comment

error: Content is protected !!