
चंदौली- अलीनगर स्थित बिलारीडीह में महाशिवरात्रि के अवसर पर ऐतिहासिक मेले का आयोजन किया गया। इस दौरान शिवभक्तों की भारी भीड़ उमड़ी, जिससे पूरा मंदिर परिसर “ॐ नमः शिवाय” के जयकारों से गूंज उठा। श्रद्धालु जल, बेलपत्र और पुष्प लेकर भगवान शिव के दर्शन-पूजन के लिए लंबी कतारों में खड़े दिखाई दिए।

ग्रामीणों के अनुसार, गांव के प्राचीन शिव मंदिर में महाशिवरात्रि पर मेला लगने की परंपरा कई दशकों से चली आ रही है। यही कारण है कि यह मेला केवल आसपास के गांवों तक ही सीमित नहीं रहता, बल्कि पड़ोसी जिलों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं।

मंदिर के आसपास सुबह से ही मेले का रंगीन माहौल देखने को मिला। झूले, चरखी और सजी-धजी दुकानें बच्चों और युवाओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। खिलौनों, मिठाइयों और पूजन सामग्री की दुकानों पर भी अच्छी खासी रौनक दर्ज की गई।

मेले में विभिन्न राजनीतिक दलों के जनप्रतिनिधि और स्थानीय नेता भी पहुंचे। उन्होंने भगवान शिव के चरणों में मत्था टेका और क्षेत्र की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना की।

सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। जगह-जगह पुलिसकर्मी तैनात थे, जिन्होंने भीड़ को व्यवस्थित ढंग से नियंत्रित किया। इससे महाशिवरात्रि पर्व और मेला दोनों शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुए। बिलारीडीह का यह मेला एक बार फिर क्षेत्र की धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक बनकर उभरा।