
चंदौली।इलिया सुदूर वनांचल क्षेत्र की शांत वादियों के बीच स्थित कम्पोजिट विद्यालय बनभीषमपुर शुक्रवार को गर्व और उल्लास का केंद्र बन गया, जब कक्षा आठ के मेधावी छात्र कृष्णा यादव के सम्मान में एक भावपूर्ण समारोह आयोजित किया गया। सीमित संसाधनों और कठिन परिस्थितियों के बावजूद कृष्णा ने 12 फरवरी को जनपद मुख्यालय पर आयोजित राष्ट्रीय आविष्कार अभियान की जिला स्तरीय प्रतियोगिता में द्वितीय स्थान प्राप्त कर न केवल अपने विद्यालय, बल्कि पूरे शहाबगंज क्षेत्र का नाम रोशन किया।
विद्यालय परिसर तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा, जब नायब तहसीलदार मु. आरिफ अंसारी ने कृष्णा को मेडल और प्रमाणपत्र प्रदान कर सम्मानित किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि वनांचल क्षेत्र से निकलकर जिला स्तर पर सफलता हासिल करना इस बात का प्रमाण है कि मजबूत संकल्प के आगे अभाव भी रास्ता नहीं रोक सकते। उन्होंने इसे माता-पिता के संस्कार, शिक्षकों के मार्गदर्शन और छात्र की अथक मेहनत का संयुक्त परिणाम बताया।
शिक्षा मित्र संघ के मंडल अध्यक्ष एवं शिक्षक भूपेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि कृष्णा ने सिद्ध कर दिया है “प्रतिभा संसाधनों की मोहताज नहीं होती।” विपरीत परिस्थितियों में भी उसने जो मुकाम हासिल किया है, वह क्षेत्र के अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा बनेगा। विद्यालय परिवार ने कृष्णा के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए हर संभव सहयोग का भरोसा भी दिलाया।
समारोह में मौजूद शिक्षकों और अभिभावकों की आंखों में गर्व साफ झलक रहा था। मानो वनांचल की माटी स्वयं यह संदेश दे रही हो कि सपनों को उड़ान देने के लिए बड़े शहर नहीं, बल्कि बड़ा हौसला जरूरी होता है।
इस अवसर पर विज्ञान शिक्षक ओ.पी. चौहान, अंजनी कुमार, श्रवण कुमार, जनार्दन प्रसाद, चंद्रशेखर सिंह, लेखपाल अखिलेश कुमार सहित विद्यालय के शिक्षक, अभिभावक और क्षेत्र के गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम ने एक बार फिर यह भरोसा मजबूत किया कि गांवों की पगडंडियों से भी सफलता के राजमार्ग निकलते हैं।