
पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर। पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन (डीडीयू स्टेशन) परिसर में बच्चा चोरी की एक बड़ी साजिश को जीआरपी ने नाकाम कर दिया। स्टेशन के पास सो रही महिला के मासूम बच्चे का कथित अपहरण कर ले जाने वाले गिरोह के चार सदस्यों—तीन पुरुष और एक महिला—को पुलिस ने कुछ ही घंटों में गिरफ्तार कर लिया और बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया। मां की सतर्कता और जीआरपी की त्वरित कार्रवाई से एक बड़ी वारदात टल गई।
जानकारी के अनुसार, बीती रात स्टेशन के पास पुल के नीचे एक महिला अपने छोटे बच्चे के साथ सो रही थी। रात के अंधेरे का फायदा उठाते हुए कथित बच्चा चोर गिरोह ने सोते समय मासूम को उठा लिया। जब महिला की नींद खुली तो बच्चा पास में नहीं मिला। घबराई मां ने तत्काल जीआरपी को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस हरकत में आ गई।

सूचना मिलते ही जीआरपी प्रभारी सुनील कुमार सिंह के नेतृत्व में स्टेशन परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सघन घेराबंदी व तलाशी अभियान चलाया गया। सीसीटीवी फुटेज और संदिग्धों की तलाश के आधार पर पुलिस ने महज कुछ घंटों में तीन पुरुष और एक महिला को हिरासत में ले लिया। तलाशी के दौरान अपहृत मासूम को सकुशल बरामद कर लिया गया।
प्राथमिक जांच में चौंकाने वाले खुलासे
प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपियों का एक संगठित गिरोह स्टेशन और आसपास के इलाकों से छोटे बच्चों को अगवा कर उन्हें कथित रूप से बेचने का काम करता था। पुलिस ने आरोपियों के पास से दूध की बोतलें, नवजात शिशुओं के नए कपड़े और नशीले पदार्थ बरामद किए हैं। आशंका है कि आरोपी बच्चों को दूध में नशीली गोली मिलाकर पिलाते थे, जिससे बच्चा बेसुध हो जाता था। इसके बाद कपड़े बदलकर पहचान छिपाई जाती और उम्र के हिसाब से बच्चों की कीमत तय कर बेचने की कोशिश की जाती थी।

पूरे गिरोह की तलाश जारी
जीआरपी के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है और गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में दबिश दी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में शामिल किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
फिलहाल बच्चा सुरक्षित है और उसे उसकी मां पम्मीया देवी को सौंप दिया गया है। समय रहते जीआरपी की तत्परता और महिला की सूझबूझ से एक बड़ा अपराध होने से बच गया, जिससे क्षेत्र में राहत की सांस ली जा रही