
चंदौली । बजट सत्र के दौरान लोकसभा में चर्चा के समय चंदौली के सांसद वीरेंद्र सिंह ने अपने संसदीय क्षेत्र की जनसमस्याओं को मजबूती के साथ उठाया। उन्होंने क्षेत्र में बालिकाओं की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए बालिका छात्रावास, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा हेतु पीएम श्री स्कूल तथा युवाओं को खेल के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए मिनी स्टेडियम की मांग को एक बार फिर सरकार के समक्ष रखा।
सांसद ने बटाईदार किसानों की बदहाल स्थिति पर भी सरकार का ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने कहा कि बटाईदार किसानों को फसल बीमा योजना से बाहर रखा जाना अन्यायपूर्ण है और इससे किसानों की आर्थिक स्थिति और अधिक कमजोर हो रही है। साथ ही उन्होंने एमएसपी गारंटी कानून की आवश्यकता पर जोर देते हुए किसानों को उनके उत्पाद का उचित मूल्य सुनिश्चित करने की मांग की।
विकास के नाम पर काशी क्षेत्र में ऐतिहासिक और पौराणिक धरोहरों को नुकसान पहुंचाए जाने का मुद्दा उठाते हुए सांसद ने कहा कि विकास के साथ-साथ सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण भी उतना ही जरूरी है। उन्होंने देशवासियों और सरकार का ध्यान इस गंभीर विषय की ओर आकृष्ट कराया।
इसके अलावा सांसद वीरेंद्र सिंह ने गोंड, पनिका, खरवार, कोल, भील और बियार जैसी जातियों की स्थिति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि एक ही जाति को किसी जिले में अनुसूचित जनजाति और दूसरे जिले में अनुसूचित जाति में शामिल किया जाता है, लेकिन राज्य सरकार द्वारा प्रमाणपत्र जारी न किए जाने से इन वर्गों का शोषण हो रहा है। सांसद ने इस विसंगति को दूर कर शीघ्र समाधान की मांग की।
सांसद के इन मुद्दों को उठाने से क्षेत्र की जनता में उम्मीद जगी है कि सरकार इन मांगों पर गंभीरता से विचार करेगी और चंदौली के विकास को नई दिशा मिलेगी।