[smartslider3 slider="2"]

मस्ती की पाठशाला: नशे की दलदल में देश का भविष्य,महकमा खामोश

Connect With Social Media

पीडीडीयू नगर (महेन्द्र प्रजापति)- मस्ती की पाठशाला के छात्रों से मिलना है तो मुग़लसराय आइये। यहां डीडीयू जंक्शन से लेकर स्टेशन के आसपास आपको ऐसे कई दर्जन छोटे बच्चे मिलेंगे जिनके हाथो में किताब कलम के जगह नशे की पोटली दिखेगी। पढ़ेगा इंडिया तो आगे बढ़ेगा इंडिया मगर कैसे! अगर सरकारी महकमा व एनजीओ की इच्छा शक्ति ही जागृत न हो।

नशे का सामान दिखाते नाबालिग

●आपको बतादे कि डीडीयू जंक्शन के परिसर में जगह जगह सैकड़ो की संख्या में नशेड़ी अपना आशियाना बनाये हुए हैं। जिनमे महिलाएं,किशोरिया,पुरुष व बच्चे भी शामिल हैं। ये लोग छोटी मोटी चोरियां,रेलवे से कोयला लोहा व यात्रियों के सामान पर हाथ साफ कर अपना गुजारा करते है। जिनमे कुछ युवतियां के शाम ढलते ही अनैतिक क्रिया कलापो में लिप्त होने की भी शिकायते भी आती रहती है। हाल ही में स्वास्थ्य महकमे द्वारा लगाए कैम्प में सिर्फ रेल परिसर से 10 लोग एचआईवी पॉजिटिव पाए गए थे।

● बात छोटे छोटे बच्चो की करे तो ये नशे के दलदल में फसते जा रहे है। शिक्षा से इनका दूर दूर तक कोई संबंध नही है।ऐसे में ये कभी भिक्षाटन करके तो कभी छोटी मोटी चोरियां कर के अपने नशे की लत को पूरी करते हैं।

●कुछ वर्षों पूर्व पीडीडीयू नगर में समाज से भटके बच्चो को सही रास्ते पर लाने व उन्हें शिक्षा के तरफ आकृष्ट करने कार्य करती थी लेकिन एक दशक से ज्यादा समय बीत गया।जिले में कोई ऐसी समाजसेवी संस्था आगे नही आई जो इनको समाज की मुख्य धारा से जोड़ने का काम कर सके।ऐसे में देश का भविष्य जिसपर हम गर्व करते है सरकार की गलत नीतियों व अधिकारियों के  उदाशीनता रवैये की भेंट चढ़ रहा है।

Leave a Comment

error: Content is protected !!