
चंदौली। जिले के विकास भवन के पास सोमवार को किसान महासभा के बैनर तले किसानों और आदिवासी समुदाय के लोगों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया। धरने में जंगल की जमीन का आवंटन, बैगा व चेरो जाति को अनुसूचित जनजाति (ST) का दर्जा, तथा परियोजनाओं के लिए अधिग्रहित भूमि का उचित मुआवजा प्रमुख मुद्दे रहे।
धरने को संबोधित करते हुए गाजीपुर के पूर्व विधायक राजेंद्र यादव ने आंदोलन को तेज करने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि गाजीपुर से चंदौली के सैयदराजा तक प्रस्तावित नई सड़क के लिए भूमि

अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, लेकिन प्रभावित किसानों को उचित मुआवजे को लेकर चिंता है। उन्होंने मांग की कि अधिग्रहण से प्रभावित किसानों को बाजार मूल्य का चार गुना मुआवजा, पुनर्वास पैकेज तथा डीएफसीसी कॉरिडोर से प्रभावित लोगों को एकमुश्त राशि का भुगतान किया जाए।

पूर्व विधायक ने वनाधिकार कानून के तहत लंबे समय से जंगल में निवास कर रहे आदिवासी परिवारों को जमीन का पट्टा देने की भी मांग उठाई। उनका कहना था कि कई आदिवासी परिवार आजादी से पहले से जंगल क्षेत्रों में बसे हैं, लेकिन अब भी उन्हें अधिकार नहीं मिल पाए हैं। उन्होंने चंदौली के जंगलों में भू-माफियाओं के दबदबे का मुद्दा उठाते हुए जिला प्रशासन से ऐसे तत्वों की पहचान कर सख्त कार्रवाई करने की मांग की, ताकि आदिवासी परिवार भयमुक्त होकर रह सकें।

धरना-प्रदर्शन में सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष बलिराम यादव, किस्मत यादव, लालचंद्र एडवोकेट, सुखदेव मिश्र, शशिकांत कुशवाहा, कन्हैया यादव, शिवमूरत राम, राजकमल राम, जगजीन राम, रामलखन पाल, श्रवण यादव, नारायण बिंद, गोरख मौर्य समेत बड़ी संख्या में किसान व कार्यकर्ता मौजूद