
चंदौली। जिले में सरकारी धान क्रय केंद्रों के बंद होने से नाराज़ किसानों ने सोमवार को संयुक्त किसान मोर्चा के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया। किसानों ने आरोप लगाया कि जनपद के सभी सरकारी धान क्रय केंद्र अचानक बंद कर दिए गए हैं, जिससे उन्हें अपनी उपज बेचने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने मांग की कि शासन द्वारा निर्धारित 28 फरवरी तक सभी क्रय केंद्रों का संचालन सुनिश्चित किया जाए।
प्रदर्शन के दौरान किसानों ने कहा कि फसल तैयार होने के बाद अब उन्हें धान बेचने के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। शासन ने पहले जनपद में 28 फरवरी तक धान खरीद की समयसीमा तय की थी, लेकिन अचानक क्रय केंद्र बंद कर दिए गए और खरीद से संबंधित पोर्टल भी लॉक हो गया। इससे सैकड़ों किसानों की उपज अब भी घरों में पड़ी हुई है।

किसानों का कहना है कि हाल ही में आए तूफान से उनकी फसल को पहले ही नुकसान पहुंच चुका है, और अब बची हुई उपज भी नहीं बिक पा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि क्रय केंद्र प्रभारियों और बिचौलियों की मिलीभगत से बाहरी जिलों और बिहार के किसानों का धान खरीद लिया गया, जिससे जनपद का खरीद लक्ष्य पूरा दिखा दिया गया। इसके चलते स्थानीय किसान अपनी उपज बेचने से वंचित रह गए हैं।
संयुक्त किसान मोर्चा ने मांग की कि क्रय केंद्रों पर सभी किसानों का अंगूठा लगवाकर पारदर्शी तरीके से धान की खरीद की जाए, ताकि उन्हें समर्थन मूल्य का लाभ मिल सके। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही क्रय केंद्र नहीं खोले गए, तो मोर्चा बैठक कर आगे की रणनीति तय करेगा और जिला प्रशासन के खिलाफ आंदोलन तेज किया जाएगा।
प्रदर्शन में दीनानाथ श्रीवास्तव, रतन सिंह, वीरेंद्र प्रताप सिंह, रामअवध सिंह, सियाराम चौहान, मुन्ना सिंह, पिन्टू पाल सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।