
चंदौली- विकासखंड चकिया में आयोजित शिक्षकों के प्रशिक्षण कार्यक्रम से जुड़ा एक मामला चर्चा में है। ब्लॉक संसाधन केंद्र (बीआरसी) चकिया पर दिव्यांग बच्चों की शिक्षा से संबंधित पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम चल रहा है, जिसमें विभिन्न विद्यालयों के शिक्षक प्रतिभाग कर रहे हैं। इसी दौरान एक शिक्षक के प्रशिक्षण बीच में छोड़कर मंत्री के कार्यक्रम में पहुंचने से शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।
जानकारी के अनुसार प्राथमिक विद्यालय भलुआ बिलौड़ी के इंचार्ज प्रधानाध्यापक बाबूलाल, जो उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ विकासखंड चकिया के महामंत्री भी हैं, प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान बिना सक्षम अधिकारी की अनुमति लिए वहां से चले गए। बताया जा रहा है कि शनिवार को सुबह करीब 11 बजे वह प्रशिक्षण स्थल से निकलकर माननीय मंत्री संजीव गोंड के कार्यक्रम में मंच संचालन के लिए पहुंच गए और कार्यक्रम समाप्त होने तक वहीं मौजूद रहे।

नियमों के मुताबिक किसी भी प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रतिभाग कर रहे शिक्षकों को बीच में कार्यक्रम छोड़ने के लिए खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) अथवा जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) से पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होता है। ऐसे में बिना अनुमति प्रशिक्षण छोड़कर अन्य कार्यक्रम में शामिल होने की घटना को लेकर विभागीय अनुशासन पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
स्थानीय स्तर पर यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। अब देखना यह होगा कि प्रकरण संज्ञान में आने के बाद जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी या खंड शिक्षा अधिकारी संबंधित शिक्षक के खिलाफ कोई विभागीय कार्रवाई करते हैं या मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है।