[smartslider3 slider="2"]

भारतीय रेल या वसूली का अड्डा!! सुरक्षा एजेंसियो की खामोशी कही ऊपरी दानापानी का चक्कर तो नही

Connect With Social Media

डीडीयू मंडल- पूर्व मध्य रेलवे के डीडीयू जंक्शन से ट्रेनों में चलने वाली भिखारन महिलाओ का तांडव थमने का नाम नही ले रहा है।अभी हाल में ही यात्रियों की शिकायत पर बिहार के दर्जन भर किन्नरों को आरपीएफ द्वारा जेल भेजा गया लेकिन डीडीयू जँ से सवार होने वाले किन्नरों पर आरपीएफ का कोई अंकुश नही है।ताजा मामला 15125 डाउन काशी पटना जनशताब्दी एक्सप्रेस का है जिससे यात्रा कर रहे रकीब ने ट्वीट कर डीआरएम डीडीयू से शिकायत की है कि ट्रेन में महिलाओं द्वारा अवैध वसूली रुक क्यों नही रही है और ये प्रतिदिन का कार्य है इसपे लगाम क्यों नही।

आपको बता दे कि ट्रेनों में विगत दिनों जो किन्नर पकड़े गए थे वे सिस्टम यानी सेटिंग से बाहर थे सभी बिहार के थे और सूत्र बताते है कि एकजाई ने चक्कर में ये कार्रवाई हुई वरना अब भी सिस्टम वाले किन्नर डीडीयू जंक्शन से बेरोकटोक ट्रेनों में सवार हो रहे है। सूत्र बताते है कि गत दिनों किन्नरों ने मजिस्ट्रेट के समक्ष आरपीएफ के किसी कर्मचारी पर धनउगाही का आरोप लगाने का मन बनाया जिसे भांपते हुए जीआरपी व सीआइबी की मदद ली गयी और बगावत करने वाले किन्नरों को मजिस्ट्रेट से घंटे भर वार्ता कर पेश नही किया गया और उनके तांडव व सुरक्षा का हवाला देकर महज 4 किन्नरों को ही पेश किया गया था। अगर किन्नर शोर शराबा मचाते तो बिना वर्दी वाले कारखासो के कारनामो की पोल खुलती और जिनका जिनका हिस्सा तय होता है वे भी बेनकाब होते।सब कुछ बड़े ही शातिराना ढंग से मैनेज कर दिया गया लेकिन ट्रेनों में किन्नरों की स्थिति पर कोई प्रभाव नही पड़ा।शिकायते लगातार मिल रही है।

Leave a Comment

error: Content is protected !!