
चंदौली। (धर्मेंद्र प्रजापति )विकास खंड सकलडीहा के चांदपुर गांव में साफ-सफाई और देखरेख के अभाव में काली मंदिर के पास स्थित तालाब पूरी तरह झाड़-झंखाड़ और गंदगी से पट गया है। कभी गांव की जीवनरेखा रहा यह तालाब आज अपनी बदहाली से ग्रामीणों को मुंह चिढ़ा रहा है।
शासन स्तर पर हर ग्राम पंचायत में तालाबों को अमृत सरोवर के रूप में चयनित कर उनका सुंदरीकरण और संरक्षण किया जा रहा है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। क्षेत्र के कई गांवों में तालाब अपना अस्तित्व खोते जा रहे हैं। कहीं झाड़-झंखाड़ से पटे पड़े हैं तो कहीं अतिक्रमण की भेंट चढ़ रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि चांदपुर गांव का यह तालाब मंदिरों की शोभा बढ़ाने, जल स्तर बनाए रखने और पशु-पक्षियों के लिए जीवनदायिनी भूमिका निभाता रहा है। काली मंदिर, आंगनबाड़ी केंद्र और श्राद्ध जैसे धार्मिक कार्यों के लिए भी इसी तालाब का उपयोग होता रहा है। पहले ग्रामीण यहां स्नान करते थे और पशुओं को भी नहलाते थे, लेकिन अब तालाब की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि इसका उपयोग करना मुश्किल हो गया है।

तालाब के घाट किनारे गंदगी का अंबार लगा है और चारों ओर झाड़-झंखाड़ उग आए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि सुंदरीकरण के नाम पर अब तक कोई ठोस कार्य नहीं किया गया।
गांव के लोगों ने प्रशासन और ग्राम पंचायत से तालाब की साफ-सफाई, अतिक्रमण हटाने और अमृत सरोवर योजना के तहत समुचित सुंदरीकरण कराने की मांग की है, ताकि यह तालाब फिर से गांव की जरूरतों को पूरा कर सके और जल संरक्षण में अपनी भूमिका निभा सके।