
चंदौली। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर लालबहादुर शास्त्री स्नातकोत्तर महाविद्यालय के पं. पारसनाथ तिवारी नवीन परिसर में आयोजित सप्ताहव्यापी योग प्रशिक्षण कार्यक्रम का शनिवार को सफलतापूर्वक समापन हुआ। कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राध्यापकों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता कर योगाभ्यास किया।
सप्ताहभर चले इस योग प्रशिक्षण कार्यक्रम का संचालन योग प्रशिक्षक राकेश कुमार एवं शारीरिक शिक्षा विभाग के प्रभारी डा. नवीन कुमार पांडेय द्वारा किया गया। समापन अवसर पर उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए डा. नवीन कुमार पांडेय ने कहा कि नियमित एवं निरोग जीवन के लिए योग एक प्रभावी और सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि योग केवल आज का अभ्यास नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और सभ्यता की अमूल्य धरोहर है, जो हजारों वर्षों से मानव जीवन को स्वस्थ और संतुलित बनाने का कार्य कर रही है।

उन्होंने बताया कि संस्कृत में ‘योग’ शब्द का अर्थ ‘जोड़ना’ होता है। जब शरीर, मन और आत्मा का समन्वय होता है, तभी वास्तविक योग की अनुभूति होती है। योग व्यक्ति को शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक रूप से सशक्त बनाता है।
महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. उदयन ने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मन, शरीर और आत्मा को एक सूत्र में बांधने वाला प्राचीन विज्ञान है। नियमित योगाभ्यास से तनाव कम होता है, मानसिक शांति प्राप्त होती है तथा एकाग्रता और कार्यक्षमता में वृद्धि होती है। उन्होंने सभी से योग को अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।

सप्ताहव्यापी योग प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन अवसर पर प्रो. संजय, प्रो. अरुण, विवेक, व्रजेश, डा. हेमंत, डा. दीपक, डा. नेहा, शाकिब, यश, सुरेंद्र, विनीत, सीताराम, सुजीत सहित महाविद्यालय के अनेक शिक्षक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का समापन स्वस्थ, संतुलित एवं योगमय जीवन के संकल्प के साथ किया गया।