
नियामताबाद (चंदौली)। विकासखंड नियामताबाद परिसर में शुक्रवार को आशा कार्यकर्ताओं ने पिछले तीन माह से मानदेय का भुगतान न होने के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में ब्लॉक मुख्यालय पहुंची आशा कार्यकर्ताओं ने कार्य बहिष्कार करते हुए स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ नाराजगी जताई और बकाया मानदेय के शीघ्र भुगतान की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान आशा कार्यकर्ताओं ने कहा कि वे ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ हैं। मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य की देखरेख, टीकाकरण अभियान, जनजागरूकता कार्यक्रमों के संचालन तथा विभिन्न सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं को घर-घर तक पहुंचाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। इसके बावजूद उन्हें समय पर मानदेय नहीं मिल रहा है, जिससे उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।

आशा बहुओं ने बताया कि भीषण गर्मी, बरसात और अन्य प्रतिकूल परिस्थितियों में भी वे अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी निष्ठा के साथ करती हैं। लेकिन लगातार तीन माह से भुगतान लंबित होने के कारण परिवार के भरण-पोषण, बच्चों की पढ़ाई और दैनिक जरूरतों को पूरा करने में गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द भुगतान नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। आशा कार्यकर्ताओं ने विभागीय अधिकारियों से तत्काल हस्तक्षेप कर लंबित मानदेय जारी कराने की मांग की।

इस संबंध में चिकित्सा प्रभारी डॉ. रविकांत सिंह ने बताया कि तकनीकी कारणों से भुगतान प्रक्रिया प्रभावित हुई थी। पोर्टल में आई कुछ समस्याओं के कारण मानदेय का भुगतान समय पर नहीं हो सका। हालांकि अब तकनीकी दिक्कतों का समाधान कर लिया गया है और भुगतान प्रक्रिया को तेजी से पूरा किया जा रहा है।
उन्होंने आश्वासन दिया कि सभी आशा कार्यकर्ताओं का लंबित मानदेय शीघ्र उनके खातों में भेज दिया जाएगा। चिकित्सा प्रभारी के आश्वासन के बाद आशा कार्यकर्ताओं ने उम्मीद जताई कि जल्द ही उनका बकाया भुगतान जारी होगा और उन्हें आर्थिक राहत मिलेगी।