
डीडीयू नगर। केंद्र सरकार द्वारा पेश बजट को लेकर साहित्यकार एवं सामाजिक कार्यकर्ता दिनेश चन्द्र ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि यह बजट खोखले नारों जैसा है और आम आदमी की आय बढ़ने का दावा दिवास्वप्न साबित होगा। उनके अनुसार इस बजट से दिहाड़ी कमाने वालों और मध्यम वर्ग की रोजमर्रा की परेशानियों में कोई राहत नहीं मिलने वाली है।
दिनेश चन्द्र ने कहा कि युद्ध के नाम पर तैयार किया गया यह बजट दुश्मन देशों से ज्यादा भारत के नागरिकों को डराने वाला प्रतीत होता है। उन्होंने आरोप लगाया कि बजट में शिक्षा, रोजगार और युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों को नजरअंदाज किया गया है, जिससे देश के विकास की संभावनाओं पर प्रश्नचिह्न लग गया है।
उन्होंने यह भी कहा कि बुद्ध की शांति की बात करने वाला देश अब युद्ध की भाषा बोलने लगा है, जो सरकार की नीतिगत कमजोरी को दर्शाता है। उनका मानना है कि बजट का मूल उद्देश्य जनता को राहत देना होना चाहिए था, लेकिन इसमें आम नागरिकों की अपेक्षाओं की अनदेखी की गई है।
दिनेश चन्द्र ने सरकार से अपील की कि वह आने वाले समय में शिक्षा, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए नीतियों में ठोस सुधार करे, ताकि आम जनजीवन को वास्तविक राहत मिल सके।