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मुगलसराय में कव्वाली के बाद गाड़ी पर हमला, फायरिंगः हिस्ट्रीशीटर समेत 7 पर हत्या के प्रयास का केस, पुलिस जांच शुरु

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अशोक कुमार जायसवाल

चन्दौली जिले के अलीनगर थाना क्षेत्र के रेवसा गांव में उर्स के अवसर पर आयोजित कव्वाली कार्यक्रम के बाद एक गंभीर विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। पीड़ित फरमान पुत्र स्व. मजीद ने थाना अलीनगर में दी गई तहरीर में बताया कि वह अपने परिजनों व रिश्तेदारों के साथ कार्यक्रम में शामिल हुआ था। उसी दौरान गांव के कुछ युवक महिलाओं व लड़कियों पर अश्लील टिप्पणी कर रहे थे, जिसका विरोध करने पर कहासुनी हो गई और आरोपियों ने देख लेने की धमकी दी।

पीड़ित के अनुसार, देर रात करीब एक बजे जब वह अपने परिवार के साथ स्कॉर्पियो (नं0 UP67AN3999) से घर लौट रहा था, तभी रास्ते में धर्मेन्द्र भारती अपने साथियों—मुन्ना, भोला, विवेक, बाबूलाल, मुस्कान व मयंक के साथ पहुंच गया और गाड़ी को रोक लिया। आरोप है कि हिस्ट्रीशीटर धर्मेन्द्र के हाथ में अवैध तमंचा था, जिससे उसने जान से मारने की नीयत से फायरिंग की। फरमान किसी तरह झुककर अपनी जान बचाने में सफल रहा। इसके बाद सभी आरोपियों ने लाठी-डंडों और ईंट-पत्थरों से गाड़ी व उसमें बैठे लोगों पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। गाड़ी के शीशे और बॉडी को भारी नुकसान पहुंचा। पीड़ित पक्ष ने किसी तरह गाड़ी के अंदर रहकर खुद को बचाया। शोर-शराबा सुनकर गांव के लोग मौके पर पहुंचे तो हमलावर अपने घरों में घुस गए और छत से भी ईंट-पत्थर फेंकते रहे। घटना की सूचना 112 पर दी गई, जिसके बाद पीडीडीयू नगर सीओ सहित कई थानों की फोर्स मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया।

ग्रामीणों ने बताया कि हिस्ट्रीशीटर धर्मेंद्र से कई लोग डरते हैं। वह पूर्व में कई लोगों पर हमला कर चुका है। जेल से बाहर आते ही अपना आतंक साथियों के साथ दिखने लगता है।

इस संबंध में पीडीडीयू नगर के सीओ अरुण सिंह ने बताया कि हिस्ट्रीशीटर धर्मेंद्र भारती समेत सात आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास सहित अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम गठित कर लगातार दबिश दी जा रही है। फिलहाल सभी आरोपी घर छोड़कर फरार हैं।

जहां एक ओर चन्दौली एसपी आकाश पटेल के नेतृत्व में जिले की कानून व्यवस्था में लगातार सुधार देखने को मिल रहा है, वहीं दूसरी ओर हिस्ट्रीशीटरों का बढ़ता आतंक पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। यदि समय रहते इनके खिलाफ सख्त और प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, तो ऐसे अपराधियों का मनोबल बढ़ सकता है और क्षेत्र में भय का माहौल बना रह सकता है।

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