
पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर (मुगलसराय)/बबुरी। बबुरी थाना क्षेत्र के बबुरी बाजार स्थित एक कोचिंग सेंटर में घुसकर मारपीट और लूटपाट का गंभीर मामला सामने आया है। पीड़ित अजय कुमार मौर्य ने पूरे प्रकरण को लेकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath को प्रार्थना पत्र भेजकर न्याय की गुहार लगाई है।
पीड़ित अजय कुमार मौर्य, निवासी ग्राम बबुरी, ने बताया कि वह बबुरी बाजार में किराये के मकान में “एनी बेसेंट कोचिंग सेंटर” संचालित करते हैं। आरोप है कि 13 अप्रैल 2026 को दोपहर करीब 1 बजे, जब वह बच्चों को पढ़ा रहे थे, तभी 15-20 लोग जबरन कोचिंग सेंटर में घुस आए। हमलावरों ने सबसे पहले सीसीटीवी कैमरे का कनेक्शन काट दिया और कमरे का दरवाजा बंद कर बेल्ट व हाथों से बेरहमी से मारपीट शुरू कर दी।

पीड़ित के अनुसार, करीब आधे घंटे तक पिटाई करने के बाद आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी। इस दौरान हमलावरों ने उनके पास मौजूद लगभग 8,000 रुपये नकद और मोबाइल फोन भी छीन लिया। घटना के दौरान आसपास के लोगों के पहुंचने पर आरोपी मौके से फरार हो गए।
अजय कुमार मौर्य ने बताया कि घटना का वीडियो फुटेज भी मौजूद है और मारपीट में घायल होने के बाद उन्होंने अस्पताल में उपचार कराया, जिसकी मेडिकल रिपोर्ट भी प्रस्तुत की गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि स्थानीय पुलिस द्वारा अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।

पीड़ित के मुताबिक, घटना के पीछे करीब चार साल पुरानी रंजिश है। आरोप है कि हमलावर लगातार उनका कोचिंग सेंटर बंद कराने की धमकी देते रहे हैं। घटना के दौरान हमलावरों ने न सिर्फ उनके साथ मारपीट की, बल्कि उन्हें सड़क पर घसीटकर सार्वजनिक रूप से अपमानित भी किया। बचाव के लिए आए स्थानीय लोगों और अभिभावकों के साथ भी आरोपियों ने अभद्रता की।
घटना के बाद पीड़ित को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी स्थिति में सुधार हुआ। पीड़ित ने जानू जायसवाल, कार्तिक जायसवाल, राहुल सेठ और रवि केसरी समेत कई लोगों पर हमले का आरोप लगाया है।
पीड़ित ने बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री पोर्टल पर जनसुनवाई के माध्यम से शिकायत दर्ज कराई है और निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जांच में उनकी कोई गलती सामने आती है, तो वह सजा भुगतने को तैयार हैं, लेकिन दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
पीड़ित ने भावुक होते हुए कहा कि घटना के बाद वह मानसिक रूप से काफी परेशान हो गए थे और आत्महत्या तक का विचार आया, लेकिन परिजनों और परिचितों के सहयोग से उन्होंने खुद को संभाला। उन्होंने मुख्यमंत्री से अपील की है कि मामले में हस्तक्षेप कर दोषियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि उन्हें न्याय मिल सके।
सीओ अरुण कुमार सिंह कि जांच कर उचित करवाई किया जाएगा
