तालाब से तालाब तक निकली शोभायात्रा ने दिया समानता का संदेश

पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर (मुगलसराय) में बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर एक भव्य शोभायात्रा का आयोजन किया गया। यह यात्रा दामोदर दास पोखरा से शुरू होकर चंद्रासी मंडी होते हुए मानसरोवर तालाब तक पहुंची, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
पूर्व वरिष्ठ राजभाषा अधिकारी (डीडीयू रेल मंडल) दिनेश चंद्र ने बताया कि यह कार्यक्रम पिछले पांच वर्षों से लगातार आयोजित किया जा रहा है। इसका आयोजन बिटवा संगठन और बेसिक टीचर वेलफेयर एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में होता है।

उन्होंने यह भी बताया कि झांकी का “तालाब से तालाब तक” निकाला जाना प्रतीकात्मक महत्व रखता है। यह बाबा साहेब द्वारा दलितों और वंचितों के लिए सार्वजनिक जलस्रोतों से पानी पीने के अधिकार हेतु किए गए महाड़ सत्याग्रह की याद दिलाता है।
इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज के पिछड़े, वंचित और अज्ञानी वर्ग को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना है। इसके माध्यम से बाबा साहेब के बताए मार्ग पर चलने और भेदभाव रहित समाज के निर्माण के लिए प्रेरित किया जाता है। शोभायात्रा ने यह संदेश दिया कि भारतीय संविधान ने सभी नागरिकों को शिक्षा, धर्म, महिला अधिकारों और आर्थिक स्वतंत्रता सहित समान अधिकार प्रदान किए हैं।

एससी/एसटी बेसिक टीचर्स वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं शिक्षक पापा साहब भारती ने कहा कि इस आयोजन का लक्ष्य ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में बाबा साहेब के विचारों और योगदान को जन-जन तक पहुंचाना है। उन्होंने सरकार द्वारा दलितों और पिछड़े वर्गों के लिए किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए शिक्षकों की समस्याओं पर भी ध्यान देने का अनुरोध किया।

इस शोभायात्रा में सामाजिक एकता, समानता और जागरूकता का संदेश प्रमुख रहा, जिससे पूरे क्षेत्र में सकारात्मक माहौल बना।