
डीडीयू नगर। क्षेत्र के ख्यालगढ़ लौंदा स्थित रामबाग कालिका धाम में मंगल सिक्योरिटी फोर्स प्राइवेट लिमिटेड के तत्वाधान में आयोजित श्रीमद् भागवत ज्ञान यज्ञ का शुभारंभ शनिवार को भव्य रूप से हुआ। कथा के प्रथम दिवस व्यास पीठ से श्रीमद् भागवत भूषण एवं मानस मर्मज्ञ अखिलानंद महाराज ने भक्तों को आध्यात्मिक मार्ग का सार समझाते हुए भक्ति की महिमा का विस्तृत वर्णन किया।
महाराज ने कहा कि मनुष्य को भवसागर से पार होने और परमात्मा से जुड़ने के लिए मुख्यतः दो मार्ग बताए गए हैं—कर्म मार्ग और ज्ञान मार्ग। ज्ञान मार्ग को उन्होंने सूक्ष्म एवं विचारप्रधान बताया, जबकि कर्म मार्ग को सहज और सभी के लिए सुलभ बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि चाहे ज्ञान हो या कर्म, दोनों में भक्ति का समावेश अनिवार्य है।
उन्होंने कहा कि बिना भक्ति के ज्ञान अहंकार को जन्म देता है, जबकि सच्चा ज्ञान मोक्ष का मार्ग प्रशस्त करता है। इसी प्रकार, यदि कर्म में भक्ति का समावेश हो जाए तो वही कर्म पूजा का रूप ले लेता है।
महाराज ने अत्यंत सरल उदाहरणों के माध्यम से समझाया—
*बोलने में भक्ति हो तो वह स्तुति बन जाती है
*चलने में भक्ति हो तो वह परिक्रमा बन जाती है
*देखने में भक्ति हो तो वह दर्शन बन जाता है
*भोजन में भक्ति हो तो वह यज्ञ बन जाता है
*और सोने में भक्ति हो तो वह समाधि का रूप ले लेता है
उन्होंने कहा कि शास्त्रों में परमात्मा की प्राप्ति के लिए कर्म, ज्ञान और भक्ति तीन मार्ग बताए गए हैं, लेकिन इनमें भक्ति को सर्वोच्च स्थान प्राप्त है। भक्ति रूपी प्रेम से ही भगवान को अपना बनाया जा सकता है।
कथा में मुख्य यजमान के रूप में दीनानाथ सिंह, परमहंस सिंह (महासचिव, जिला कांग्रेस कमेटी) एवं हरिवंश नारायण सिंह उपस्थित रहे।
इस अवसर पर देवेंद्र प्रताप सिंह (मुन्ना), अरुण कुमार द्विवेदी (जिला अध्यक्ष, कांग्रेस कमेटी), राकेश पाठक, राकेश सिंह, नरेंद्र प्रताप सिंह, महंत सिंह, कमलेश सिंह, मनोज सिंह, राजेंद्र तिवारी, जोगिंदर सिंह, कपिल मुनि सिंह, बाबूलाल यादव, रामप्रसाद यादव, रामजी राम, अमित पांडेय, जितेंद्र पांडेय, आलोक पांडेय सहित सैकड़ों श्रद्धालुओं ने कथा का रसपान किया और भाव-विभोर हो उठे।
कार्यक्रम में श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक वातावरण ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।