
चन्दौली-(महेन्द्र प्रजपति की रिपोर्ट) जब पूरा देश एलपीजी क्राइसिस के संकट से उबरने के विकल्पों की तलाश में जुटा है, ऐसे में चंदौली का एकौनी गांव जो इस दिशा में आत्मनिर्भर बन चुका है। एकौनी गांव में करीब 5 वर्षों से गोबर गैस को एलपीजी का विकल्प बनाया जा चुका है और करीब 125 घरों में इसकी आपूर्ति पाइप लाइन के जरिए की जा रही है।या यूं कहें तो पूरा गांव वर्तमान एलपीजी क्राइसिस से बेखबर है।


दरअसल एकौनी गाव में इसकी शुरुआत 5 साल पहले हुई जब गाव के ही उद्यमी सोच रखने वाले युवा चंद्रप्रकाश सिंह ने करीब डेढ़ से दो सौ गायों का गौशाला खोला और और दूध उत्पादन के साथ ही गोबर को गैस प्लांट के रूप में विकसित किया।वर्तमान समय मे पूरा एकौनी गाव बायो गैस पाइपलाइन पर निर्भर है और लोग भूल चुके कि मिडिल ईस्ट में कोई संकट है। न एलपीजी बुकिंग का टेंशन,न कतार में लगने की फिक्र और मामूली से खर्च पर पूरे महीने उपयोग।गाव की गृहणियां इसे सस्ता,सुरक्षित और सुविधाजनक मानती है। सुबह शाम 3 घंटे आपूर्ति का समय होता है जितना समय पूरे घर का भोजन तैयार हो जाता है।


चंद्र प्रकाश सिंह बताते है उन्होंने 150 गायो का पालन कर उसके गोबर से बायो गैस प्लांट शुरू किया अब करीब 3 किलोमीटर के दायरे पूरे गाँव को कनेक्शन दे चुके है।भविष्य में इसे और आगे विकसित करने की योजना है।