
चंदौली जिले के नौगढ़ तहसील में वीरान होते जंगलों को फिर से हरा-भरा बनाने के लिए वन विभाग ने एक बड़े पौधरोपण अभियान की तैयारी शुरू कर दी है। इस महाभियान के तहत करीब 15 हजार हेक्टेयर वन क्षेत्र में 12 लाख से अधिक पौधे लगाए जाएंगे।
पर्यावरण संरक्षण और जैव विविधता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से चलाए जा रहे इस अभियान में पहाड़ी और मैदानी दोनों क्षेत्रों को शामिल किया गया है। गंगापुर, चोरमरवा, नरकटी, गहिला, मगरही, हथिनी, औरवाटांड, छानपाथर, कर्माबाद, देवखत, भरदूवा और रमैया समेत दर्जनों गांवों के आसपास स्थित वन क्षेत्रों में गड्डों की खुदाई का कार्य तेजी से जारी है।
वन विभाग के अधिकारी इस पूरे कार्य की निगरानी कर रहे हैं, ताकि मानसून की पहली बारिश के साथ ही पौधरोपण का काम शुरू किया जा सके। योजना के तहत मझगाईं वन रेंज में लगभग 2.20 लाख और जयमोहनी वन रेंज में 3.80 लाख पौधे लगाए जाएंगे।
इसके अलावा, विभाग ने 6.60 लाख पौधे सीधे बीजों के माध्यम से उगाने का लक्ष्य भी निर्धारित किया है। यह तकनीक न केवल कम खर्चीली है, बल्कि इससे पौधों की जड़ों की पकड़ प्राकृतिक रूप से मजबूत होती है, जिससे उनके जीवित रहने की संभावना बढ़ जाती है।
जयमोहनी और मझगाई रेंज के क्षेत्रीय वन अधिकारी अमित कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि इस बार अभियान का उद्देश्य सिर्फ पौधरोपण तक सीमित नहीं है, बल्कि पौधों की सुरक्षा और उनके समुचित विकास की लगातार निगरानी भी सुनिश्चित की जाएगी। गड्डों की खुदाई में वैज्ञानिक मानकों का पालन किया जा रहा है, ताकि जल संचयन बेहतर हो और पौधों को लंबे समय तक नमी मिल सके।
इस महाअभियान के बारे में पूछे जाने पर पर्यावरण क्षेत्र में यूनेस्को से अवार्ड पा चुके वृक्ष बन्धु डॉ परसुराम सिंह ने कहा कि वे पेड़ पौधों से काफी लंबे समय से जुड़े है और वन विभाग में वृक्षारोपण के आधिकारिक कार्यक्रमो का हिस्सा भी रहे है लेकिन ऐसा रेंजर उन्होंने काफी समय के बाद देखा जिनका उद्देश्य सिर्फ वृक्ष लगाना ही नही बल्कि उन्हें बचाना भी है।ऐसी सोच अगर जनजन के मस्तिष्क में जागृत हो तो हमे हरियाली के साथ साथ शुद्ध हवा पानी मिल सकेगा।यह महाभियान न केवल क्षेत्र के पर्यावरण को संतुलित करने में मददगार होगा, बल्कि आने वाले समय में वन्यजीवों के लिए बेहतर आवास भी उपलब्ध हो सके।