
चंदौली जिले के सकलडीहा तहसील क्षेत्र में जमीन की कथित फर्जी रजिस्ट्री का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। धानापुर विकासखंड के पूरा चेता दुबे गांव में सामने आए इस प्रकरण ने प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
इस मामले को लेकर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता मनोज सिंह ‘काका’ ने सरकार पर निशाना साधते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में भू-माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई के दावों के बावजूद इस तरह की घटनाएं चिंताजनक हैं। साथ ही उन्होंने स्थानीय जनप्रतिनिधियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।

पीड़ितों ने लगाए फर्जीवाड़े के आरोप
पीड़ित सलाउद्दीन और अरशद हुसैन, जो स्वर्गीय शमसुद्दीन के पुत्र हैं, ने आरोप लगाया है कि उनकी पैतृक जमीन की रजिस्ट्री उनकी गैरमौजूदगी में ही कर दी गई। सलाउद्दीन लंबे समय से पश्चिम बंगाल में रहते हैं, जबकि परिवार के अन्य सदस्य गांव में रहकर खेती करते हैं।
पीड़ितों के अनुसार, पूरा सीता मिश्र निवासी मनीष मिश्रा ने बिचौलियों के माध्यम से किसी अज्ञात व्यक्ति को खड़ा कर फर्जी तरीके से रजिस्ट्री कराई। उन्हें इस पूरे मामले की जानकारी तब हुई जब संबंधित कागजात सामने आए।
खरीदार भी खुद को बता रहा ठगा गया
मामले में नया मोड़ तब आया जब जमीन खरीदने वाला व्यक्ति भी खुद को ठगा हुआ बता रहा है। उसका कहना है कि बिचौलियों ने फर्जी व्यक्ति खड़ा कर उससे रजिस्ट्री करवा दी। अब वह असली जमीन मालिक की तलाश में है और प्रशासन से न्याय की गुहार लगा रहा है।
प्रशासन पर उठे सवाल, FIR नहीं दर्ज
घटना को कई दिन बीत जाने के बावजूद अब तक एफआईआर दर्ज न होना प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा है। इससे पीड़ितों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
थाना प्रभारी त्रिवेणी लाल सेन ने बताया कि मामले की गहन जांच की जा रही है और संबंधित व्यक्ति का मोबाइल फिलहाल स्विच ऑफ है। जल्द ही सभी संलिप्त लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, सकलडीहा के उप जिलाधिकारी कुंदन राज कपूर ने कहा कि क्रेता और विक्रेता की उपस्थिति के बिना रजिस्ट्री संभव नहीं है। यदि ऐसा हुआ है तो यह बेहद गंभीर मामला है और जांच के बाद दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
निष्पक्ष जांच की मांग तेज
पूरे प्रकरण को लेकर क्षेत्र में चर्चा तेज है। राजनीतिक बयानबाजी के बीच पीड़ित परिवार और स्थानीय लोग निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, ताकि भविष्य में इस तरह के मामलों पर रोक लगाई जा सके।