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केंद्रीय बजट में अधिवक्ताओं की उपेक्षा, कोई कल्याणकारी योजना नहीं: संतोष कुमार पाठक

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चंदौली- केंद्रीय बजट में अधिवक्ताओं के लिए किसी भी प्रकार की अधिवक्ता कल्याण योजना की घोषणा न किए जाने को लेकर अधिवक्ताओं में गहरी नाराजगी देखने को मिल रही है। वरिष्ठ अधिवक्ता संतोष कुमार पाठक ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि देश का अधिवक्ता हर विपरीत परिस्थिति में न्याय के लिए संघर्ष करता है, लेकिन सरकार उसकी अनदेखी कर रही है।

●वरिष्ठ अधिवक्ता संतोष कुमार पाठक ने कहा कि देश का अधिवक्ता कड़ाके की ठंड, भीषण गर्मी और मूसलाधार बारिश में भी अपने घर-परिवार की परवाह किए बिना न्यायालय पहुंचता है। वह मंत्री से लेकर संतरी तक, किसान, मजदूर, गरीब, शोषित और पीड़ित वर्ग को न्याय दिलाने के लिए निरंतर संघर्ष करता है, इसके बावजूद केंद्रीय बजट में अधिवक्ताओं के कल्याण के लिए कोई ठोस योजना नहीं लाई गई।

●उन्होंने केंद्रीय बजट में शिक्षा के लिए किए गए प्रावधानों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इस बजट में शिक्षा के लिए मात्र 1.39 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जो कुल बजट का केवल 2.6 प्रतिशत है। यह दर्शाता है कि केंद्र सरकार शिक्षा को लेकर गंभीर नहीं है।

●संतोष कुमार पाठक ने आरोप लगाया कि सरकार की मंशा गरीब और वंचित वर्ग के बच्चों को शिक्षा से दूर रखने की है, ताकि वे जागरूक नागरिक न बन सकें। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार देश के बच्चों को अशिक्षित और भ्रमित बनाए रखने का कार्य कर रही है, जिससे वे केवल राजनीतिक नारों और झंडों तक सीमित रह जाएं।वरिष्ठ अधिवक्ता ने कहा कि यदि सरकार वास्तव में देश के भविष्य को मजबूत करना चाहती है तो उसे शिक्षा और अधिवक्ताओं के कल्याण पर ठोस और प्रभावी कदम उठाने होंगे। अन्यथा आम जनता और न्याय व्यवस्था पर इसका गंभीर प्रभाव पड़ेगा।

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