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किसानों को संगठित होकर अपनी समस्याओं को बनाना होगा चुनावी मुद्दा

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चकिया । शहाबगंज विकासखंड क्षेत्र के बरियारपुर गांव में सोमवार को किसान विकास मंच का 13वां स्थापना दिवस किसान पर्व के रूप में उत्साहपूर्वक मनाया गया। कार्यक्रम में किसानों की समस्याओं, उनकी एकजुटता और वर्तमान कृषि चुनौतियों पर गंभीर चर्चा की गई।
मुख्य वक्ता रतन कुमार सिंह ने कहा कि किसानों को राजनीतिक दलों द्वारा फैलाए जा रहे जातीय और धार्मिक विवादों से हटकर खेती-किसानी के मुद्दों को चुनाव का एजेंडा बनाना चाहिए। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे अपनी सांगठनिक शक्ति बढ़ाएं और बौद्धिक प्रकोष्ठ बनाकर जागरूकता फैलाएं। उन्होंने बताया कि कृषि लागत लगातार बढ़ रही है, जिससे किसानों की स्थिति कमजोर हो रही है। ऐसे में सहकारिता के माध्यम से महंगी लागत सामग्री और कृषि यंत्रों की समस्या का समाधान किया जा सकता है।
बिहार से आए किसान नेता अभिमन्यु सिंह ने भारतमाला एक्सप्रेस-वे परियोजना के दौरान धान की फसल नष्ट होने और अब तक मुआवजा न मिलने का मुद्दा उठाया। उन्होंने बताया कि इस मामले को लेकर किसानों ने पटना हाईकोर्ट में वाद दायर किया है। उन्होंने कॉरपोरेट मॉडल पर भी सवाल उठाते हुए इसे किसानों के हितों के खिलाफ बताया।


किसान नेता सुमंत सिंह अन्ना ने कहा कि बरहनी ब्लॉक में हजारों हेक्टेयर भूमि अधिग्रहण के खिलाफ किसानों के आंदोलन से सरकार को पीछे हटना पड़ा। वहीं, अध्यक्ष राधेश्याम पांडेय ने एमएसपी गारंटी कानून न बनने पर चिंता जताई।
कार्यक्रम की अध्यक्षता अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित पहलवान राजेंद्र सिंह ने की। उन्होंने किसानों के समर्थन का आश्वासन दिया। इस दौरान हास्य कवियों बंधू पाल बंधू और कृपाशंकर सिंह पटेल ने कविता पाठ कर माहौल को जीवंत बनाया, जबकि बेचयी सिंह ने देशभक्ति कविता प्रस्तुत की।


कार्यक्रम का संचालन रामअवध सिंह ने किया।
कार्यक्रम में सरोज कुमार, जवाहरलाल यादव, दिनेश यादव, प्रियानंद पांडेय, राजनाथ सिंह, राजेंद्र सिंह, बेचई सिंह सहित क्षेत्र के तमाम किसान उपस्थित रहे।

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