
चंदौली-धीना क्षेत्र के पिपरी में आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट राज्य मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि वह पिछले 32 वर्षों से गरीबों और वंचितों को न्याय दिलाने की लड़ाई लड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि कक्षा 6, 7 और 8 के बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए जरूरत पड़ने पर वह राजनीति करने से भी पीछे नहीं हटेंगे।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गाजी मियां के मेले को बंद कराकर महाराजा सुहेलदेव के नाम से मेला आयोजित कराने की पहल की है, जो ऐतिहासिक गौरव को पुनर्जीवित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

आरक्षण के मुद्दे पर समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और बसपा पर निशाना साधते हुए राजभर ने कहा कि वर्ष 1993 में पिछड़े वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण मिला, लेकिन 32 वर्षों में उन्हें उनका पूरा अधिकार नहीं मिल पाया। उन्होंने बताया कि 3 सितंबर 2013 को सामाजिक न्याय समिति की रिपोर्ट आई थी, जिसमें आरक्षण के बंटवारे की बात कही गई थी।
उन्होंने कहा कि 27 प्रतिशत आरक्षण के बंटवारे को लेकर उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बातचीत की, जिसके बाद रोहिणी आयोग का गठन किया गया। आने वाली जनगणना के आधार पर “जिसकी जितनी संख्या, उसकी उतनी भागीदारी” सुनिश्चित करने की दिशा में काम किया जा रहा है।
राजभर ने कहा कि यदि पूर्वांचल राज्य का गठन होता है तो मुख्यमंत्री राजभर समाज से होगा। उन्होंने बताया कि पहले प्रदेश के बच्चों को होमगार्ड की तरह साधारण खाकी वर्दी मिलती थी, लेकिन सरकार में आने के बाद बेहतर यूनिफॉर्म, बेल्ट, जूते और टाई उपलब्ध कराने का काम किया गया है।

उन्होंने बताया कि प्रदेश के 57,691 गांवों में से लगभग 12 हजार गांवों को डिजिटल लाइब्रेरी के लिए चयनित किया गया है, जहां पंचायत विभाग के माध्यम से बच्चों को कंप्यूटर आधारित शिक्षा निशुल्क दी जाएगी। पंचायत राज विभाग द्वारा गांवों में पढ़ाई की व्यवस्था मजबूत करने और मंडप/उत्सव भवन के निर्माण के लिए मुख्यमंत्री द्वारा 1000 करोड़ रुपये की धनराशि भी उपलब्ध कराई गई है।

राजभर ने कहा कि “सुहेलदेव भारतीय सेवा” के गठन के माध्यम से समाज के गरीब और वंचित बच्चों को शिक्षा से जोड़ने का कार्य किया जाएगा।
सभा में अरविंद राजभर ने कहा कि युवाओं की आवाज को मजबूत करने के लिए समाज को एकजुट होकर आगे आना होगा। इस अवसर पर मनीषा सिंह (महिला मंच प्रदेश उपाध्यक्ष), संजीव सिंह सहित अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में हजारों की संख्या में कार्यकर्ता और समर्थक मौजूद रहे।