
चकिया (चंदौली)। चकिया क्षेत्र के लिए गर्व का क्षण उस समय आया जब नगर पंचायत चकिया के मूल निवासी शिक्षक शैलेश गुप्ता के पुत्र मृत्युंजय गुप्ता ने संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की सिविल सेवा परीक्षा 2026 में 726वीं रैंक प्राप्त कर प्रशासनिक सेवा में स्थान हासिल किया। इस उपलब्धि से चकिया सहित पूरे चंदौली जनपद में खुशी और गर्व का माहौल है। क्षेत्र के लोगों, शिक्षकों और जनप्रतिनिधियों ने इसे शिक्षा जगत के लिए प्रेरणादायक उपलब्धि बताया है।
मृत्युंजय गुप्ता के पिता शैलेश गुप्ता बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षक के पद पर कार्यरत हैं। वर्तमान में वह कंपोजिट विद्यालय मुजफ्फरपुर में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इससे पहले वह एबीआरसी (असिस्टेंट ब्लॉक रिसोर्स कोऑर्डिनेटर) के रूप में भी लंबे समय तक कार्य कर चुके हैं। उनके दादा गिरजा गुप्ता भी शिक्षक रहे हैं, जिसके कारण परिवार में शुरू से ही शिक्षा और अनुशासन का वातावरण रहा।
मृत्युंजय गुप्ता बचपन से ही पढ़ाई में बेहद मेधावी रहे हैं। उन्होंने अपनी लगन और मेहनत के दम पर देश की प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा जेईई एडवांस्ड उत्तीर्ण की और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) दिल्ली में कंप्यूटर साइंस शाखा में बीटेक में प्रवेश प्राप्त किया। आईआईटी दिल्ली से पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने प्रशासनिक सेवा में जाकर देश और समाज के लिए कार्य करने का लक्ष्य निर्धारित किया।
इसके बाद मृत्युंजय ने पूरी लगन और समर्पण के साथ यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू की। उनकी कड़ी मेहनत रंग लाई और उन्होंने पहले ही प्रयास में वर्ष 2026 की यूपीएससी परीक्षा में सफलता हासिल करते हुए 726वीं रैंक प्राप्त कर ली।
मृत्युंजय की इस सफलता से चकिया क्षेत्र के युवाओं में भी नई ऊर्जा और प्रेरणा का संचार हुआ है। लोगों का कहना है कि एक शिक्षक के पुत्र ने अपनी मेहनत और प्रतिभा के बल पर यह साबित कर दिया है कि ग्रामीण परिवेश से निकलकर भी देश की सर्वोच्च प्रशासनिक सेवाओं तक पहुंचा जा सकता है।
उनकी इस उपलब्धि पर क्षेत्र के शिक्षकों, समाजसेवियों, जनप्रतिनिधियों और शुभचिंतकों ने उन्हें बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। वहीं परिवार में भी इस सफलता से खुशी का माहौल है और परिजन इसे वर्षों की मेहनत का परिणाम बता रहे हैं।