
डीडीयू मंडल-पूर्व मध्य रेलवे के पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन सर्कुलेटिंग एरिया में बुधवार की शाम का नजारा रेलवे सुरक्षा के दावों की पोल खोलता नजर आया। यहां नशेड़ियों के बीच हुआ आपसी विवाद देखते ही देखते खूनी संघर्ष में बदल गया, जिसमें जमकर लाठियां चटकी और काफी देर तक हंगामा होता रहा।जिसके वजह से ट्रेन पकड़ने आये यात्रियों व ट्रेनों से उतरने वाले यात्रियों में भय का माहौल बना रहा।

बताया जा रहा है कि सर्कुलेटिंग एरिया और आरआरआई केबिन के समीप रहने वाले नशेड़ियों के दो गुटों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया। देखते ही देखते दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और लाठी-डंडों से एक-दूसरे पर हमला करने लगे। इस दौरान क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और वहां मौजूद यात्रियों में भी दहशत फैल गई।


स्थानीय लोगों का कहना है कि रेलवे स्टेशन के आसपास लंबे समय से नशेड़ियों का जमावड़ा लगा रहता है। आरोप है कि लावारिस शव ढोने से लेकर छोटे-मोटे कामों तक में इन लोगों का इस्तेमाल किया जाता है, जिस कारण इन पर सख्त कार्रवाई नहीं हो पाती। यही नहीं, यात्रियों के सामान की चोरी से लेकर कोयला और लोहे की चोरी जैसे मामलों में भी इनकी संलिप्तता की बात सामने आती रही है।

वहीं इस पूरे घटनाक्रम के दौरान रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और जीआरपी की मौजूदगी के बावजूद स्थिति कुछ समय तक अनियंत्रित बनी रही, जिससे सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
इस संबंध में आरपीएफ प्रभारी प्रदीप रावत से बात करने पर उन्होंने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि ऐसे तत्वों के खिलाफ रेल अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि स्टेशन परिसर में लगातार हो रही घटनाओं के बावजूद यदि समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो यात्रियों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा बना रह सकता है।
Report by- Mahendra Prajapati