
चंदौली। अपर पुलिस महानिदेशक वाराणसी जोन के निर्देशन में गठित संयुक्त टीम, जनपद चंदौली की एसओजी व सर्विलांस टीम ने थाना अलीनगर क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई करते हुए टैंकरों से तेल चोरी करने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है।
पुलिस ने कुल 6 अभियुक्तों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से लगभग 950 लीटर अवैध डीजल/पेट्रोल, एक भरा हुआ टैंकर, दो कारें, एक मोटरसाइकिल, मोबाइल फोन, नकदी व तेल चोरी में प्रयुक्त उपकरण बरामद किए हैं।

ऐसे हुआ खुलासा
27 फरवरी 2026 को पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन टर्मिनल के अंदर से निकलने वाले टैंकरों को साइड में खड़ा कर चालक-खलासी की मिलीभगत से ताला तोड़कर बड़े पैमाने पर पेट्रोल-डीजल चोरी किया जा रहा है। सूचना के आधार पर संयुक्त टीम ने घेराबंदी कर छापेमारी की, जहां मौके से टैंकर से तेल चोरी करते चार अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया। बाद में निशानदेही पर दो और अभियुक्त पकड़े गए।
*गिरफ्तार अभियुक्त*
– अनवर अंसारी (रोहतास, बिहार)
– दानिश (अलीनगर, चंदौली)
– पंकज यादव (अलीनगर, चंदौली)
– प्रहलाद चौहान (अलीनगर, चंदौली)
– राकेश चौहान (अलीनगर, चंदौली)
– असलम (अलीनगर, चंदौली)
पूछताछ में अभियुक्तों ने स्वीकार किया कि वे टैंकर चालकों से 60 रुपये प्रति लीटर की दर से तेल खरीदते और बाजार में 80 रुपये प्रति लीटर में बेचते थे। मुनाफे का बंटवारा आपस में बराबर किया जाता था।
*बरामदगी का विवरण*
– 950 लीटर अवैध डीजल/पेट्रोल
– तेल टैंकर (UP45T3570)
– अल्टो कार (UP70AR6884)
– वैगनार कार (UP67C0638)
– मोटरसाइकिल (UP67F2701)
– 05 मोबाइल फोन
– ₹9000 नकद
– 11 इंडियन ऑयल कंपनी के कार्ड
– 200 लीटर व 50 लीटर क्षमता के ड्रम व जेरिकैन
– पाइप, कुप्पी, माप यंत्र आदि उपकरण
*गोदाम से 650 लीटर और बरामद*
अभियुक्तों की निशानदेही पर आर.के.बी.के. पेट्रोल पंप के पास स्थित दो कमरों की तलाशी में 650 लीटर पेट्रोल/डीजल बड़े-छोटे ड्रमों में भरा मिला। इससे स्पष्ट हुआ कि गिरोह चोरी का तेल अलग-अलग स्थानों पर भंडारित करता था।
मुख्य आरक्षी की संलिप्तता की जांच
प्राथमिक पूछताछ में थाना अलीनगर पर तैनात मुख्य आरक्षी रोशन यादव की संलिप्तता की बात सामने आई है। इस संबंध में थाना अलीनगर में मु0अ0सं0-127/2026 दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
पंजीकृत धाराएं
– भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 287, 316(3), 305(B), 317(2), 317(4), 61(2), 112
– पेट्रोलियम अधिनियम 1934 की धारा 23
– भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7/13
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह गिरोह लंबे समय से सक्रिय था और बड़े पैमाने पर ज्वलनशील पदार्थ की अवैध निकासी कर रहा था, जिससे गंभीर दुर्घटना की आशंका बनी रहती थी। फरार आरोपियों की तलाश जारी है और पूरे नेटवर्क की गहन जांच की जा रही है।