
इलिया(चन्दौली)- कस्बा स्थित काली माता मंदिर जाने वाले मुख्य मार्ग पर खुले में मांस की बिक्री को लेकर स्थानीय लोगों में आक्रोश व्याप्त है। मंदिर से महज लगभग दस मीटर की दूरी पर मांस की दुकानें सजने से श्रद्धालुओं की आस्था आहत होने के साथ-साथ स्वच्छता व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि धार्मिक स्थल के इतने समीप खुलेआम मांस बेचा जाना न केवल नियमों की अनदेखी है, बल्कि क्षेत्र की साफ-सफाई व्यवस्था को भी प्रभावित कर रहा है। मंदिर मार्ग पर ही पास में अमृत सरोवर का निर्माण कराया गया है तथा आसपास सब्जी विक्रेता भी अपनी दुकानें लगाते हैं। शाम के समय सड़क के दोनों ओर दुकानों और ग्राहकों की भीड़ लगने से आवागमन बाधित हो जाता है। श्रद्धालुओं और राहगीरों को मंदिर तक पहुंचने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है और कई बार जाम की स्थिति भी बन जाती है।
कस्बावासियों राजेंद्र प्रसाद, छेदी सोनकर, रमेश कुमार, सुनील कुमार, बबलू और सुरेंद्र ने आरोप लगाया कि मांस की दुकानों से निकलने वाला अपशिष्ट और कूड़ा-कचरा आसपास ही फेंक दिया जाता है, जिससे दुर्गंध फैल रही है और गंदगी बढ़ती जा रही है। गर्मी के मौसम में स्थिति और गंभीर होने की आशंका जताई जा रही है। लोगों का कहना है कि इससे संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ सकता है।
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि मंदिर मार्ग से मांस की दुकानों को हटाया जाए तथा खुले में बिक्री पर रोक लगाई जाए। साथ ही नियमित साफ-सफाई और कूड़ा निस्तारण की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
इस संबंध में प्रभारी थानाध्यक्ष रविंद्र सिंह ने बताया कि मांस बेचने वाले दुकानदारों को पूर्व में कई बार चेतावनी दी जा चुकी है। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर उनके विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।