
चकिया।राष्ट्रीय सेवा योजना के तत्वावधान में तथा युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत क्षेत्रीय निदेशालय लखनऊ के निर्देशन में सावित्री बाई फुले राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, चकिया में 24 फरवरी 2026 को सड़क सुरक्षा जागरूकता विषय पर एक दिवसीय विशेष शिविर का आयोजन किया गया।
शिविर के अंतर्गत महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने मुहम्मदाबाद क्षेत्र में जागरूकता रैली निकालकर आमजन को यातायात नियमों के पालन के लिए प्रेरित किया। रैली के दौरान स्वयंसेवकों ने “हेलमेट पहनें, जीवन बचाएं”, “सीट बेल्ट लगाना न भूलें” और “सुरक्षित चलें, परिवार संभालें” जैसे नारों के माध्यम से सड़क सुरक्षा का संदेश दिया।

कार्यक्रम में सहायक प्रोफेसर डॉ. शमशेर बहादुर ने सभी प्राध्यापकों एवं स्वयंसेवकों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक रहने और दूसरों को जागरूक करने की शपथ दिलाई। उन्होंने सड़क दुर्घटनाओं से होने वाले व्यक्तिगत, सामाजिक एवं राष्ट्रीय नुकसान पर विस्तार से प्रकाश डाला।
कार्यक्रम प्रभारी डॉ. कलावती ने कहा कि शैक्षणिक संस्थानों से जुड़े युवाओं की यह विशेष जिम्मेदारी है कि वे समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए आगे आएं और सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम में सक्रिय भूमिका निभाएं।

वहीं, कार्यक्रम प्रभारी डॉ. सुरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों को निस्वार्थ सेवा भाव के साथ स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण एवं सड़क सुरक्षा जैसी सामूहिक समस्याओं के समाधान के लिए समाज के साथ सहयोगात्मक दृष्टिकोण अपनाना चाहिए।
अपराह्न में आयोजित बौद्धिक संगोष्ठी में मुख्य वक्ता एवं पूर्व कार्यक्रम अधिकारी डॉ. शमशेर बहादुर ने प्रेरणादायक व्यक्तित्वों—दशरथ मांझी, मदर टेरेसा तथा स्वामी विवेकानंद—के निस्वार्थ सेवा भाव को उदाहरण के रूप में प्रस्तुत करते हुए युवाओं को समाजहित में कार्य करने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम में स्वयंसेवकों ने भी अपने विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर डॉ. रमाकांत गौड़, डॉ. प्रियंका पटेल, डॉ. मिथिलेश कुमार सिंह, पवन कुमार सिंह, डॉ. अमिता सिंह, विश्व प्रकाश शुक्ल, समरजीत राकेश सहित महाविद्यालय के अन्य प्राध्यापक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का समापन सड़क सुरक्षा के संकल्प के साथ हुआ, जिसमें सभी ने यातायात नियमों के पालन और दूसरों को इसके प्रति जागरूक करने का वचन दिया।