चंदौली-(मु अफजल की रिपोर्ट)- नियमताबाद विकासखंड अंतर्गत नियमताबाद ग्राम सभा में विकास के दावे खोखले साबित हो रहे हैं। यहां के ग्रामीण आज भी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं। यह स्थिति तब है जब गांव के प्रधान दूसरी बार चुने गए। लेकिन मूलभूत समस्याओं का समाधान नहीं हो सका है।

●ग्रामीणों के अनुसार ग्राम सभा का बारात घर पूरी तरह जर्जर अवस्था में है। इसकी फर्श टूटी हुई है खिड़कियां चोर उठा ले गए और चारों ओर गंदगी का अंबार लगा हुआ है। यह बारात घर विशेष रूप से गरीब परिवारों के लिए बनाया गया था लेकिन अब इसकी हालत बद से बदतर हो चुकी है।

●स्थानीय ग्रामीण सोनू, रोहित, मनोज, विनय, शंकर, गोविंद और रामू ने बताया कि गांव में न तो जल निकासी की व्यवस्था है और न ही सड़कों की स्थिति संतोषजनक है। ग्रामीणों का आरोप है कि बार-बार शिकायतें करने के बावजूद ग्राम सभा के विकास के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं।

●ग्रामीणों ने यह भी बताया कि बारात घर के बगल में स्थित वर्षों पुराने रविदास जी के मंदिर में आज तक बिजली की समुचित व्यवस्था नहीं की गई है। मेले और अन्य विशेष आयोजनों के दौरान अंधेरे के कारण श्रद्धालुओं और ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
ग्रामीणों का कहना है कि विकास के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इन दावों से बिल्कुल अलग है। नियमताबाद ग्राम सभा की वर्तमान स्थिति स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
