
चन्दौली-(महेंद्र प्रजापति)- जनपद में लगातार एड्स मरीजो की बढ़ती संख्या स्वास्थ्य महकमे के लिए ही नही पूरे प्रदेश के एड्स नियंत्रण सोसायटी के लिए चिंता का विषय हैं। वाराणासी जिले ने टैटू बनवाने से 54 लोगो को एचआईवी पॉजिटिव के बाद चन्दौली जिले में अब तक 14 पॉजिटिव मरीज चिन्हित हो चुके जिनका इलाज सरकारी अस्पतालों में चल रहा है।
इसके पीछे सरकारी तंत्र ही नही बल्कि आमजनता भी काफी हद तक जिम्मेदार है जिनकी लापरवाही का खामियाजा वे खुद ही नही बल्कि अपने परिवार और आने वाली नस्लो को दे रहे हैं।नगर की गलियों में फेरी लगाकर टैटू यानी गोदना बनाने वाले से लेकर फुटपाथ पर दुकान सजाये बैठी महिलाएं कही नही कही अप्रत्यक्ष रूप से इस संक्रमण को एक से दूसरे व्यक्ति तक फैलाने का काम कर रही है।देखा जाय तो समाज के मध्यम व निम्न वर्ग के लोग कम पैसे में सड़क किनारे बैठ कर गोदना गुदवाते है लेकिन ये जानने की कोशिश नही करते कि क्या हर बार एक ही नीडल इस्तेमाल किया गया या फिर जो नीडल इस्तेमाल हो रहा है क्या वह अच्छी तरह इस्टरलाइज्ड किया गया है या नही। ऐसे में संक्रमण फैलने का खतरा बना रहता है।
उत्तर प्रदेश राज्य एड्स नियंत्रण सोसाइटी द्वारा टी.आई. यू.पी.एन.पी. प्लस चंदौली ने अब तक जो भी एचआईवी पॉजिटिव पेसेंट पाए पहली बार मे 10 थे जिनमें ज्यादा घुमंतू बच्चियां, महिलाएं थी और दूसरी बार टीम ने मलिन बस्ती से 4 एचआईवी संक्रमित मरीजो को चिन्हित किया।
TIUPNP प्लस के प्रोजेक्ट मैनेजर जितेन्द्र गुप्ता ने बताया कि संस्था द्वारा अलग अलग जगहों पर स्वास्थ्य जांच एवं एचआईवी/एड्स जागरूकता शिविर का आयोजन किया जा रहा है जहाँ नियमित स्वास्थ्य जांच, एचआईवी जागरूकता और निःशुल्क एचआईवी परीक्षण की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। संदेह होने पर हिचकिचाएं नही जांच अवश्य कराए ताकि ये आपके परिवार बच्चो तक न पहुच सके।इसके फैलने के 4 प्रमुख कारण है जिनमे टैटू यानी गोदना भी एड्स को फैलाने का संभावित खतरा है। गोदना नई निडिल से गुदवाए,थोड़े पैसे बचाने के चक्कर मे जानलेवा बीमारी घर न लाये।