
शहाबगंज। विकास खंड क्षेत्र के मुसाखाड़ गांव को ब्लाक मुख्यालय शहाबगंज से जोड़ने वाला रपटा बीते छह माह से क्षतिग्रस्त पड़ा है। बांध से छोड़े गए पानी के तेज बहाव में रपटा टूट-फूट गया था, लेकिन लंबे समय बाद भी इसकी मरम्मत नहीं कराई जा सकी। रपटा की बदहाल स्थिति से आक्रोशित ग्रामीणों ने शनिवार को मौके पर प्रदर्शन कर संबंधित विभागों के खिलाफ नाराजगी जताई।
ग्रामीणों चन्दन सेठ, प्रमोद कुमार, पप्पू, फेरु, शतीष प्रसाद, कमलेश यादव और पांचू बनवासी ने बताया कि यह रपटा मुसाखाड़ सहित आसपास के कई गांवों के लोगों के लिए ब्लाक मुख्यालय तक पहुंचने का प्रमुख मार्ग है। रपटा क्षतिग्रस्त होने के बाद रास्ता पूरी तरह उबड़-खाबड़ हो गया है, जिससे दोपहिया वाहन, साइकिल और छोटे वाहनों से आने-जाने वालों को हर समय दुर्घटना का खतरा बना रहता है।
ग्रामीणों का आरोप है कि रपटा क्षतिग्रस्त होने की जानकारी कई बार संबंधित अधिकारियों को दी गई, लेकिन न तो सिंचाई विभाग और न ही लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने इसकी मरम्मत कराई। दोनों विभाग एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालकर मामले को टालते रहे, जिससे ग्रामीणों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है।
ग्रामीणों ने बताया कि रपटा खराब होने से स्कूली बच्चों, मरीजों और किसानों को सबसे अधिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। आपात स्थिति में एंबुलेंस और अन्य जरूरी वाहन गांव तक नहीं पहुंच पाते, जिससे जान-माल का खतरा बना रहता है। ग्रामीणों ने मांग की है कि जल्द से जल्द रपटा की मरम्मत कराकर आवागमन सुचारु कराया जाए, अन्यथा आंदोलन को और तेज किया