
चंदौली- चकिया शहाबगंज विकासखंड के पहाड़ी क्षेत्र में स्थित बेलावर ग्राम पंचायत में हैंडपंप रिबोर के नाम पर सरकारी धन के दुरुपयोग का मामला सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत में हैंडपंप रिबोर के नाम पर 3 लाख 1 हजार 441 रुपये की धनराशि निकाल ली गई, जबकि गांव में अधिकांश हैंडपंप आज भी खराब पड़े हैं और पानी की समस्या जस की तस बनी हुई है।
पहाड़ी इलाके में बसे इस गांव में पहले से ही पेयजल का संकट गंभीर है। गर्मियों में हालात और खराब हो जाते हैं, ऐसे में हैंडपंप ही ग्रामीणों के लिए पानी का मुख्य स्रोत हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि हैंडपंपों का सही तरीके से रिबोर कराया गया होता तो पानी की समस्या काफी हद तक कम हो सकती थी, लेकिन कागजों में काम दिखाकर धनराशि निकाल लेने से लोगों की परेशानी और बढ़ गई है।
ग्रामीणों के अनुसार जिन हैंडपंपों को अभिलेखों में रिबोर किया गया दिखाया गया है, उनमें से कई से आज भी पानी नहीं निकल रहा है, जबकि कुछ हैंडपंप जर्जर हालत में पड़े हुए हैं। इसके बावजूद सरकारी रिकॉर्ड में कार्य पूर्ण दर्शाकर पूरी धनराशि का भुगतान कर दिया गया। ग्रामीणों का आरोप है कि फर्जी रिपोर्ट और कागजी कार्रवाई के सहारे पूरा मामला अंजाम दिया गया है।
ग्रामीण राजू ने बताया कि गांव में कई हैंडपंप महीनों से खराब पड़े हैं, लेकिन कागजों में रिबोर दिखाकर पैसा निकाल लिया गया। अलीम का कहना है कि यदि वास्तव में रिबोर हुआ होता तो लोगों को पानी के लिए भटकना नहीं पड़ता। त्रिभुवन ने बताया कि आज भी लोग दूसरे मोहल्लों से पानी लाने को मजबूर हैं। अशोक ने कहा कि कई बार शिकायत के बावजूद कोई सुधार नहीं हुआ।
ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान पर बिना कार्य कराए धनराशि निकालने का आरोप लगाया है और कहा है कि यदि स्थलीय जांच कराई जाए तो पूरा मामला उजागर हो सकता है। उन्होंने जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी और खंड विकास अधिकारी से निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
इस संबंध में खंड विकास अधिकारी शहाबगंज दिनेश सिंह ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है और शिकायत की जांच कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि जांच में यदि किसी प्रकार की अनियमितता या धन के दुरुपयोग की पुष्टि होती है तो संबंधित के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।