
डीडीयू मंडल- पूर्व मध्य रेलवे के डीडीयू जंक्शन पर गुरुवार की देर रात अप की विक्रमशिला एक्सप्रेस से आरपीएफ ने दर्जनभर किन्नरों को पकड़ा। यात्रियों का आरोप रहा कि किन्नर पैसा न देने पर दुर्व्यवहार कर रहे थे। यात्रियों की शिकायत पर दर्जनभर किन्नरों को आरपीएफ ने हिरासत में ले लिया। किन्नर जैसे ही आपीएफ डीडीयू पोस्ट पर पहुंचे हंगामा करने लगे।जिससे स्टेशन पर अफरा तफरी मची रही। हालांकि आरपीएफ लिखा पढ़ी के बाद सभी किन्नरों को हवालात में डाल दिया।जहाँ हाजत में जब कर तांडव करते रहे और कुछ किन्नरों ने पोस्ट कार्यालय में लगे शीशे को भी तोड़ दिया। इतना ही नही शीशे के टुकड़े लेकर नस काटने की धमकी देने लगे और अर्ध नग्न होकर हंगामा मचाना शुरू कर दिए। इस दौरान कुछ देर के लिए जवानों की परेशानी बढ़ गई थी। हालात बिगड़ता देख आरपीएफ़ ने यह सूचना जीआरपी प्रभारी को दी।जब जीआरपी प्रभारी मौके पर पहुँचे तो भारी पुलिस बल देख कर किन्नर शांत हुए।
●शुक्रवार की सुबह सभी किन्नरों ने एक बार फिर हंगामा करने का प्रयास किया।लेकिन आरपीएफ जीआरपी ने सख्ती दिखाकर सभी को शांत करा दिया और सभी को मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश कर विधिक कार्रवाई में जुट गई।

●पकड़े किन्नरों में रानी निवासी डुमरांव,
काजल राय बक्सर,सोनी डुमरांव, टीना बक्सर, रोशनी बक्सर,मोनिशा बक्सर, मधु बक्सर,जोबा बक्सर,ज्योति बक्सर,फातिमा खातून बक्सर रिया राय बक्सर,राखी बक्सर। सभी किन्नर बिहार प्रांत के बताए गए। सभी के खिलाफ
मुकदमा अपराध संख्या 1038/2026 से 1049/2026। धारा 145, 146 व 147 रेल अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर रेलवे मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश कर दिया। जहां न्यायालय ने सभी को जेल भेज दिया।

●इस संबंध में आरपीएफ डीडीयू पोस्ट प्रभारी प्रदीप कुमार रावत ने बताया यात्रियों से अवैध धन वसूली के दौरान किन्नर हंगामा कर रहे थे। ट्रेन के स्टेशन पर पहुंचने पर किन्नरों को हिरासत में ले लिया।शुक्रवार की सुबह सभी रेलवे कोर्ट में पेश कर दिया गया जहां से सभी जेल भेज दिया गया।