
चन्दौली (चकिया)। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी VB-G RAM G (विकसित भारत गारंटी फ़ॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन ) के तहत शहाबगंज विकासखंड के ग्राम सभा खास में चल रहे कार्यों को लेकर ग्रामीणों ने अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कार्यस्थल पर मजदूरों की वास्तविक संख्या बेहद कम है, जबकि सरकारी अभिलेखों में बड़ी संख्या में मजदूरों की उपस्थिति दर्ज दिखाई जा रही है।
●ग्रामीणों के अनुसार, गुरुवार को मनरेगा कार्य में कागजों पर 104 मजदूरों की हाजिरी दर्ज की गई, जबकि मौके पर एक दर्जन मजदूर भी काम करते नहीं दिखे। इससे योजना की पारदर्शिता और निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि नेशनल मोबाइल मॉनिटरिंग सिस्टम (NMMS) ऐप पर अपलोड की जाने वाली तस्वीरों में एक ही स्थान की फोटो बार-बार इस्तेमाल की जा रही है, जिससे फर्जी उपस्थिति दर्ज करने की आशंका बढ़ गई है।
मामले में ग्रामीण दिनेश, मोहन, सुदामा, अरुण, कमलेश और धनेश सहित अन्य लोगों ने ग्राम प्रधान कमलेश यादव और पंचायत सचिव की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि दोनों की मिलीभगत से कुछ मजदूरों की मौजूदगी के बावजूद मस्टर रोल में 104 मजदूरों की हाजिरी भरकर भुगतान दिखाया जा रहा है, ताकि सरकारी धन का दुरुपयोग किया जा सके।
ग्रामीणों ने गांव में वर्तमान और पूर्व में कराए गए मनरेगा कार्यों का सोशल ऑडिट कराने, मस्टर रोल और भुगतान अभिलेखों की निष्पक्ष जांच कराने तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
इस संबंध में खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) दिनेश सिंह ने बताया कि अभी तक उनके पास कोई औपचारिक शिकायत नहीं आई है। यदि इस तरह की शिकायत मिलती है तो जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।