
चंदौली- चहनियां क्षेत्र के मथेला काली माता मंदिर प्रांगण में आयोजित नव दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा के तीसरे दिन श्रद्धा और भक्ति का वातावरण देखने को मिला। कथा के दौरान संत जीयर स्वामी के शिष्य कथावाचक संत मुक्तिनाथ स्वामी महाराज ने अपने ओजस्वी प्रवचनों से श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।
कथा का तीसरा दिवस मुख्य यजमान द्वारा विधिवत संकल्प के साथ प्रारंभ किया गया। इस अवसर पर कार्यक्रम के व्यवस्थापक जुलुम तिवारी एवं मुख्य यजमान विपिन पाण्डेय ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ कथावाचक संत मुक्तिनाथ स्वामी महाराज का माल्यार्पण कर अंगवस्त्रम भेंट करते हुए सम्मान किया।
महाराज ने कहा- आवश्यकता से अधिक हर वस्तु बन जाती है जहर
●अपने प्रवचन में संत मुक्तिनाथ स्वामी महाराज ने कहा कि जीवन में आवश्यकता से अधिक हर चीज जहर के समान हो जाती है। उन्होंने श्रीकृष्ण और अर्जुन के संवाद का उल्लेख करते हुए बताया कि जब अर्जुन ने कृष्ण से जहर के बारे में प्रश्न किया, तो श्रीकृष्ण ने उत्तर दिया— चाहे वह शक्ति हो, धन हो, भूख, लालच, अभिमान, आलस्य, महत्वाकांक्षा, प्रेम या घृणा— यदि वह आवश्यकता से अधिक हो जाए, तो वह जहर बन जाती है।
महाराज के प्रवचनों को सुनकर श्रोतागण आत्मचिंतन में डूब गए और कथा पंडाल जयकारों से गूंज उठा।
●कार्यक्रम में पप्पू पासवान, वीरेंद्र मौर्य, विजयी चौरसिया, दीपक चौरसिया, दीपक पाण्डेय, मनोज पाण्डेय, मनोज विश्वकर्मा, ऋषिकेश त्रिपाठी, सौरभ त्रिपाठी, सोनू पाण्डेय, अखिलेश त्रिपाठी, वार्डर शर्मा, अनीत चौरसिया, पन्ना, राजेश व राकेश सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु और क्षेत्रीय गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
●प्रसाद वितरण कृपाचार्य त्रिपाठी द्वारा किया गया, जबकि कार्यक्रम का संयोजन हरिहर तिवारी ने किया। कार्यक्रम का सफल संचालन ईश्वर चंद तिवारी द्वारा किया गया।