
चन्दौली– (महेंद्र प्रजापति)-खबर आयुष्मान भारत योजना से है जहाँ जिले के पं कमलापति त्रिपाठी जिला संयुक्त चिकित्सालय में आयुष्मान कार्ड का रिकेवाईसी कराने आये मुग़लसराय निवासी अमन कुमार ने आरोप लगाया कि बिना पर्ची कटाये,बिना भर्ती किये उसके आयुष्मान वालेट से इंटेरिक फीवर के नाम पर 23 सौ 10 रुपये की कटौती कर ली गयी। इस बात का पता उसे तब लगा जब सप्ताह भर बाद उसने डीजी लाकर में अपना बैलेंस चेक किया। डिडक्ट एमाउंट देख कर उसे संदेह हुआ तो उसने कार्यालय में फोन करके जानकारी लेना चाहा तो उसे बताया गया कि रि-रजिस्ट्रेशन का पैसा कटता है और ये सरकारी खजाने में जाता है।
कही भ्रस्ट तंत्र अपनी जड़े तो नही जमा चुका!
●इस संबंध में जब अस्पताल के सीएमएस एसपी सिंह से वार्ता की गई तो उन्होंने मामले को संज्ञान देते हुए इसे ऑफिसियल भूल बताया साथ ही इसे किसी कंट्रेक्चुअल स्टाफ की गलती बता कर पल्ला झाड़ लिए और अपने अधीनस्थों को इसे दुरुस्त करने के निर्देश दिए लेकिन कैमरे के सामने कुछ भी बोलने से इनकार कर रहे है।


विभागीय मिलीभगत होने के संदेह
इन सब के बीच सवाल यह है कि बिना पर्ची कटाये बिना भर्ती किये सिर्फ अंगूठा लगवा कर पैसे की कटौती कही किसी बड़े घपले का संकेत दे रही है। हालांकि सीएमएस इसे त्रुटि बता रहे हैं लेकिन बिना अधिकारी के अप्रूवल के कोई कर्मचारी सरकारी धन कैसे निकाल सकता है।कही पर्ची कटाने से लेकर भर्ती प्रकिया तब कोई सिंडिकेट तो नही काम कर रहा। सोचने वाली बात यह है कि साधारण व्यक्ति अगर अस्पताल में आयुष्मान कार्ड से इलाज कराने जाता है तो पहले उसे भर्ती कराया जाता है उसके पहले की पूरी प्रक्रिया का उसे शुल्क देना पड़ता है लेकिन यहां मामला बिना भर्ती के ही निबटा दिया गया।



अगर सिंडिकेट है तो प्रतिदिन लाखो के घपले की आशंका
●आपको बतादे कि जिला अस्पताल चन्दौली में प्रतिदिन कमरा नं 5 से 50 से ज्यादा लोगो का केवाईसी,री- केवाईसी किया जाता है। ऐसे में अगर सिंडिकेट काम कर रहा है तो ये जांच का विषय होगा कि आखिर कौन कौन लोग इसके पीछे हैं।कही प्राइवेट आपरेटर के जरिये सरकारी कर्मचारी नेक्सस तो नही चला रहे!!!