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सकलडीहा में बिजली संकट गहराया: 18 घंटे के दावे के बावजूद 10 घंटे भी नहीं मिल रही आपूर्ति, ग्रामीणों में आक्रोश

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चंदौली जनपद के सकलडीहा ग्रामीण उपकेंद्र से जुड़े गांवों में इन दिनों बिजली की अनियमित आपूर्ति ने ग्रामीणों की परेशानी बढ़ा दी है। भीषण गर्मी के बीच लगातार हो रही कटौती और बार-बार ट्रिपिंग से लोगों में गहरा आक्रोश देखने को मिल रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार, अप्रैल माह में गेहूं की कटाई के चलते सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक बिजली आपूर्ति बंद रखी जा रही थी। लेकिन तय समय के अलावा भी भारी कटौती की जा रही है, जिससे हालात और बदतर हो गए हैं। सरकार जहां 18 घंटे बिजली आपूर्ति का दावा कर रही है, वहीं हकीकत में ग्रामीणों को 10 घंटे भी बिजली नहीं मिल पा रही है।
सकलडीहा ग्रामीण उपकेंद्र से सकलडीहा सेकंड, नोनार, कुछमन, कमालपुर और चहनिया समेत कुल पांच फीडर संचालित होते हैं, जिनसे लाखों की आबादी जुड़ी है। इसके बावजूद आपूर्ति व्यवस्था लगातार चरमराई हुई है।
पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य बच्चा सिंह, राहुल सिंह, श्यामसुंदर सिंह और बबलू सिंह ने बताया कि विभाग शाम 5 बजे से सुबह 9 बजे तक निर्बाध बिजली देने का दावा करता है, लेकिन इस दौरान भी बार-बार ट्रिपिंग और कटौती जारी रहती है। इतना ही नहीं, सुबह 5 बजे से 8 बजे तक अतिरिक्त तीन घंटे की कटौती की जा रही है।
गर्मी के इस मौसम में बिजली संकट ने लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। घरों में पंखे, कूलर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बेकार साबित हो रहे हैं, जिससे खासकर बुजुर्गों, मरीजों और बच्चों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।


ग्रामीणों ने स्मार्ट मीटर को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि मीटर में गड़बड़ी के कारण फर्जी और ज्यादा बिल भेजे जा रहे हैं। इतना ही नहीं, पांच रुपये बकाया होने पर भी बिजली आपूर्ति स्वतः बंद हो जा रही है। विभाग समय पर बिल भुगतान का दबाव तो बनाता है, लेकिन उपभोक्ताओं की समस्याओं पर ध्यान नहीं दे रहा है।
इस मामले में एक्सईएन नरेश कुमार ने बताया कि गेहूं की कटाई लगभग समाप्त हो चुकी है और जल्द ही दिन के समय बिजली आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि स्थिति में शीघ्र सुधार किया जाएगा।

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