
अशोक कुमार जायसवाल
पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर ज्ञान शिखा टाइम्स (मुगलसराय) में रेलवे द्वारा एक पुराने रास्ते को बंद किए जाने के विरोध में समाजवादी पार्टी (सपा) का प्रतिनिधिमंडल सक्रिय हो गया है। शनिवार को सपा नेताओं ने जिलाधिकारी और डीआरएम मुगलसराय से मुलाकात कर इस मुद्दे के साथ-साथ हालिया आगलगी की घटनाओं में किसानों की फसल नुकसान का मामला जोरदार तरीके से उठाया।

प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि मुगलसराय विधानसभा क्षेत्र के सिकटिया-परशुरामपुर इलाके में रेलवे प्रशासन द्वारा बिना किसी पूर्व सूचना के एक पुराना रास्ता बंद कर दिया गया है। यह रास्ता वर्षों से स्थानीय लोगों के आवागमन का मुख्य साधन रहा है। रास्ता बंद होने से करीब 1000 से से 1500 घरों के हजारों लोग प्रभावित हुए हैं।
सपा के पूर्व विधानसभा प्रत्याशी चंद्रशेखर यादव ने

कहा कि इस मार्ग के बंद होने से आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। स्कूली बच्चों, मरीजों और किसानों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। आपातकालीन सेवाएं जैसे एम्बुलेंस और फायर ब्रिगेड तक गांव में नहीं पहुंच पा रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि रेलवे प्रशासन ने बिना सूचना और संवाद के यह कदम उठाया है, जो पूरी तरह जनविरोधी है।
सत्यनारायण राजभर ने कहा कि रेलवे को जनहित में तुरंत रास्ता बहाल करना चाहिए। वहीं पूर्व चेयरमैन मुसाफिर चौहान ने इसे क्षेत्र के विकास में बाधा बताते हुए प्रशासन से जल्द निर्णय लेने की मांग की।
समाजवादी व्यापार सभा के जिलाध्यक्ष अमरनाथ जायसवाल ‘मोनू’

ने कहा कि रास्ता बंद होने से स्थानीय व्यापार भी प्रभावित हो रहा है। बाजार तक पहुंच बाधित होने से कारोबारियों को नुकसान उठाना पड़ रहा है।
इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने हाल ही में आगलगी की घटनाओं में जली गेहूं की फसल का मुद्दा भी उठाया। नेताओं ने कहा कि किसानों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है, इसलिए उन्हें शीघ्र और उचित मुआवजा दिया जाना चाहिए।

ग्रामीणों का कहना है कि सिकेटिया चौराहे से गांव तक जाने वाला यह एकमात्र मुख्य मार्ग था, जिसके बंद होने से 1000 से 1500 की आबादी सीधे प्रभावित हुई है। बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के रास्ता बंद करना गंभीर समस्या बन गया है।
सपा नेताओं ने इस संबंध में जिलाधिकारी,


डीआरएम और स्थानीय सांसद को ज्ञापन सौंपते हुए जल्द समाधान की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समस्या का समाधान शीघ्र नहीं हुआ, तो ग्रामीणों के साथ मिलकर आंदोलन और धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।

इस दौरान बाबूलाल यादव, बैजनाथ मास्टर, औसाफ अहमद, रजत वर्मा, इकबाल, गोलू समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण और किसान मौजूद रहे।
