
अशोक कुमार जायसवाल
मानवाधिकार आयोग ने मुगलसराय के दवा व्यवसायी रोहिताश पाल हत्याकांड में चंदौली के पुलिस अधीक्षक से स्पष्टीकरण मांगा है। आयोग ने यह कार्रवाई मुख्य शूटरों और साजिशकर्ताओं की गिरफ्तारी न होने तथा समय पर जांच रिपोर्ट प्रस्तुत न किए जाने के कारण की है।
बतादे कि रोहिताश पाल की हत्या विगत 18 नवंबर 2025 की रात मुगलसराय कोतवाली क्षेत्र के पीडीडीयू नगर स्थित जीटी रोड पर हुई थी। अज्ञात हमलावर ने उनके सिर में गोली मारी थी, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्हें एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
मानवाधिकार कार्यकर्ता और सिविल बार एसोसिएशन, चंदौली के पूर्व उपाध्यक्ष एडवोकेट खालिद वकार आबिद ने 25 नवंबर 2025 को राज्य मानवाधिकार आयोग में इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में लगभग करीब 58 करोड़ रुपये की जमीन से जुड़े विवाद को हत्या की साजिश का मुख्य कारण बताया गया है। इसमें भूमाफिया और प्रभावशाली लोगों की संलिप्तता का आरोप है। शिकायतकर्ता ने पुलिस पर इन गंभीर पहलुओं की जांच में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। आयोग ने इस मामले को केस संख्या 26227/24/19/2025 के रूप में दर्ज किया है।
आयोग के 21 जनवरी 2026 के आदेश के बाद, चंदौली के अपर पुलिस अधीक्षक ऑपरेशन व नोडल अधिकारी ने 6 फरवरी 2026 को एक जांच रिपोर्ट प्रस्तुत की। इस रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है कि मामले की जांच क्षेत्राधिकारी पीडीडीयू नगर द्वारा की गई है। आयोग ने प्रस्तुत की गई इस जांच रिपोर्ट का अवलोकन किया।
10 मार्च 2026 को आयोग ने निर्देश दिया कि जांच रिपोर्ट की एक प्रति शिकायतकर्ता एडवोकेट खालिद वकार आबिद को उपलब्ध कराई जाए। उन्हें 27 अप्रैल 2026 तक रिपोर्ट पर अपनी आपत्ति या अतिरिक्त साक्ष्य आयोग के समक्ष प्रस्तुत करने का समय दिया गया है। मामले की अगली सुनवाई 28 अप्रैल 2026 को निर्धारित की गई है, जिसमें आगे की कार्रवाई और आदेश पारित किए जाएंगे।

एडवोकेट खालिद वकार आबिद ने इस मामले पर टिप्पणी करते हुए कहा कि यह केवल एक जघन्य हत्या का मामला नहीं है, बल्कि निष्पक्ष जांच, कानून-व्यवस्था और मानवाधिकारों की रक्षा से भी जुड़ा है।सीबीआई से जांच कराने, सभी आरोपियों की शीघ्र
गिरफ्तारी और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग दोहराई है।
इस संबंध में मृतक रोहिताश पाल के भाई सिद्धार्थ पाल ने बताया कि

चार महीने बाद भी उनके परिवार को न्याय नहीं मिल पाया है। उन्होंने गहरा असंतोष जताते हुए कहा कि अब तक मामले की सच्चाई सामने नहीं आ सकी है और परिवार पूरी तरह अनिश्चितता की स्थिति में है।
सिद्धार्थ पाल ने यह भी कहा कि वे पुलिस प्रशासन की कार्रवाई से संतुष्ट नहीं हैं और सिर्फ सच जानना चाहते हैं ताकि दोषियों को सख्त से सख्त सजा मिल सके। उन्होंने आरोप लगाया कि मामले में अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे परिवार में आक्रोश और निराशा बढ़ती जा रही है।
उन्होंने मांग की कि हत्या में शामिल शूटर का जल्द से जल्द एनकाउंटर किया जाए और इस पूरे मामले के पीछे जो भी साजिशकर्ता हैं, उनके खिलाफ भी कठोर कार्रवाई हो।इसके लिए पीड़ित परिवार ने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से गुहार लगाते हुए जल्द न्याय दिलाने की अपील की है। परिवार का कहना है कि वे न्याय की उम्मीद में अब भी इंतजार कर रहे हैं और सरकार से निष्पक्ष व त्वरित कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
फिलहाल, पीड़ित परिवार न्याय की आस लगाए बैठा है और प्रशासन से उम्मीद कर रहा है कि जल्द ही इस मामले में ठोस कदम उठाए जाएंगे, ताकि उन्हें इंसाफ मिल सके।