
चंदौली।(धर्मेंद्र प्रजापति ) क्षेत्र के कुछमन से मटकट्टा होते हुए गंजख्वाजा तक प्रस्तावित रेलवे लाइन के लिए चल रहे सर्वे को लेकर किसानों में असमंजस और चिंता का माहौल है। मंगलवार को किसान नेता केदार यादव के नेतृत्व में किसानों का एक प्रतिनिधिमंडल सांसद वीरेंद्र सिंह से मिला और उन्हें ज्ञापन सौंपकर अपनी समस्याओं से अवगत कराया।
किसानों का कहना है कि क्षेत्र में पहले से ही रेलवे लाइनों का जाल बिछा हुआ है, जिससे हजारों एकड़ कृषि भूमि पहले ही अधिग्रहित हो चुकी है। अब एक बार फिर नए सर्वे के चलते किसानों की बची हुई जमीन के साथ-साथ मकान, विद्यालय और मंदिर भी अधिग्रहण की जद में आ सकते हैं। इससे ग्रामीणों के सामने रोजी-रोटी और विस्थापन का संकट खड़ा होने की आशंका है।
किसानों ने आरोप लगाया कि कहीं सड़क निर्माण तो कहीं रेलवे लाइन के नाम पर लगातार जमीन अधिग्रहण किया जा रहा है, जिससे किसानों के साथ सौतेला व्यवहार हो रहा है। धान का कटोरा कहे जाने वाले इस जनपद में खेती-किसानी प्रभावित हो रही है और किसानों की उपजाऊ जमीन कम होती जा रही है। किसानों का कहना है कि इससे क्षेत्र की कृषि व्यवस्था पर भी प्रतिकूल असर पड़ेगा और लाभ अंततः व्यापारिक गतिविधियों को ही मिलेगा।
प्रतिनिधिमंडल ने सांसद को ज्ञापन देकर मांग की कि किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए प्रस्तावित रेलवे लाइन के सर्वे और अधिग्रहण की प्रक्रिया पर पुनर्विचार किया जाए तथा प्रभावित परिवारों के लिए स्पष्ट नीति और उचित मुआवजा तय किया जाए।
ज्ञापन सौंपने वालों में केदार यादव के साथ पवन मिश्रा, राजनाथ यादव, मिंटू मिश्रा, आनंदकंद मिश्र सहित कई किसान मौजूद रहे।